आईएसआई के आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान शहर से गिरफ्तार जीशान कमर के बारे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। खुफिया एजेंसियों को लीड मिली है कि वह कुख्यात आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के दहशतगर्दों के भी संपर्क में हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान के जिस थट्टा टेरर कैंप में उसे ट्रेनिंग दी गई, वह जैश के आतंकियाें का ही बेसकैंप माना जाता है। इस जानकारी के बाद खुफिया एजेंसियाें ने उसके तमाम संपर्क माध्यमों पर भी नजर टिका दी है।
दरअसल पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अफसरों ने खुलासा किया था कि प्रयागराज से पकड़े गए जीशान और दिल्ली से पकड़े गए ओसामा ने पूछताछ में बताया था कि उन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई। यह भी सामने आया था कि ट्रेनिंग पाकिस्तान के थट्टा टेरर कैंप में दी गई। जिसके बाद आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियां दोनों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने में लग गईं। जिले में भी खुफिया एजेंसियों इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया।
एजेंसियों ने न सिर्फ करेली बल्कि आसपास के अन्य इलाकों में भी गोपनीय तरीके से जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान एक चौंकाने वाली बात मिली कि यह भी हो सकता है कि जीशान आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के भी दहशतगर्दों के संपर्क में हो। दरअसल पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित थट्टा जैश के आतंकियों का सबसे सुरक्षित अड्डा है। वहां एक फार्म हाउस में जीशान और ओसामा को ट्रेनिंग दी गई थी।
लेकिन जिस तरह से इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के मॉड्यूल में शामिल संदिग्ध आतंकी अपने काम को बेहद गुपचुप तरीके से अंजाम दे रहे थे, उससे इस बात की भी आशंका है कि आतंकी वारदातों के लिए कुख्यात जैश के आतंकियों से भी दोनों की मुलाकात कराई गई हो। यह जानकारी मिलने के बाद खुफिया एजेंसियों ने जीशान के संपर्क माध्यमों पर भी नजर टिका दी है। पता लगाया जा रहा है कि उसका डेली रूटीन क्या था। शहर में रहने के दौरान वह कहां जाता था और किससे मिलता था। यहां उससे मिलने के लिए कौन-कौन आता था।
जुटाई जा रही बिजनेस की भी जानकारी
सूत्रों की मानें तो गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाने में लगी खुफिया एजेंसियां जीशान के बिजनेस के बारे में भी एक-एक डिटेल एकत्र कर रही हैं। पता लगा रही हैं कि बिजनेस के सिलसिले में वह किन-किन देशों में गया। यही नहीं देश के किन-किन शहरों में व्यापार के संबंध में उसका आना-जाना था।
मोबाइल व लैपटॉप से खुलेगा राज
करेली से गिरफ्तार जीशान के मोबाइल व लैपटॉप से भी कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जीशान का मोबाइल व लैपटॉप जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कई अहम राज खुल सकते हैं। यह भी पता लग सकता है कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य कौन लोग उसके मददगार थे। मोबाइल व लैपटॉप की फोरेंसिक जांच में उसके साइबर बिहैवियर के बारे में भी पता चलेगा और आईपी एड्रेस एक्टिविटी से इसका पता लगाया जाएगा कि वह इंटरनेट के जरिए किन-किन लोगों के संपर्क में था।