टीईटी को लेकर बेसिक शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मेजा रोड पर बेसिक शिक्षकों ने बैठक कर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन की सफलता की रणनीति तय की। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के उरुवा इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 को राष्ट्रीय स्तर पर एक अप्रैल 2010 से लागू किया गया है जो छह से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है।
यूपी सरकार ने आरटीई अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए 2011 में अपने राज्य के नियम बनाए। जिन्हें उप्र नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के नाम से जाना जाता है। मूल आरटीई एक्ट में एक अप्रैल 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता नहीं थी। इसलिए टीईटी लागू करना शिक्षकों के साथ नाइन्साफी है।
बताया गया कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया प्रयागराज की ओर से 26 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। जिसका नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष विनोद पाण्डेय करेंगे। बैठक में कई शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं करछना ब्लॉक में संचालित परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार को बाहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। मौके पर मनोज कुमार मिश्र, रिंकू नैय्यर, नीलम सिंह, अंजना खरे, माधुरी आदि रहे।
इधर, घूरपुर में बुधवार को भी विकास खंड जसरा के शिक्षक- शिक्षिकाओं ने बांहों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर रामकुमार साहू, अजय केसरवानी, निशा सूद, अंजू रानी माहेश्वरी, सीता यादव, सुशीला देवी, समरजीत और रावेंद्र सिंह मौजूद रहे।
टीईटी की अनिवार्यता पर परिषदीय शिक्षकों में असंतोष
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने से शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर परिषदीय शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने विद्यालयों में शिक्षण कार्य के दायित्व का निर्वहन करते हुए तीन दिन तक परीक्षा की अनिवार्यता का विरोध किया। प्राथमिक विद्यालय महखरा पैगहां में शिक्षक संघ हंडिया के मंत्री नागेंद्र प्रताप सिंह मौर्य ने कहा कि 26 फरवरी को शिक्षकों की मौजूदगी में संघ के जिलाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इधर, सहसों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर टीईटी का विरोध किया। इस मौके पर शिखा पांडेय और संतोष जायसवाल आदि मौजूद रहे।