फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : पीडीए में कुंभ के टेंडर में टेंपरिंग, करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान, मंडलायुक्त दफ्तर पहुंचा मामला

Wed, 31 Jul 2024 06:38 PM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, अमर उजाला प्रयागराज

सार

न्यूनतम दरों पर खोले गए जिन टेंडरों में टेंपरिंग कर अधिक भुगतान किया गया, ऐसी 16 सड़कों की सूची मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को दी गई है। गद्दोपुर-शांतिपुरम निवासी शशांक शेखर पांडेय की ओर से की गई इस शिकायत पर मंडलायुक्त ने पीडीए वीसी को जांच करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
प्रयागराज विकास प्राधिकरण। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्मार्ट सिटी के कार्यों के अलावा कुंभ-2019 के दौरान पीडीए की ओर से कराए गए सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के टेंडर में टेंपरिंग कर करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान कराने का मामला सामने आया है। ऐसे टेंडरों की बिल ऑफ क्वांटिटी तक पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है। टेंडर जिन दरों पर खुले हैं, उनसे 20-30 प्रतिशत अधिक दर पत्रावलियों पर बढ़ाकर भुगतान कराया लिया गया है। मामला मंडलायुक्त और पीडीए वीसी तक पहुंचने के बाद निर्माण कराने वाली फर्मों से लेकर अभियंता तक सकते में हैं।

विज्ञापन


न्यूनतम दरों पर खोले गए जिन टेंडरों में टेंपरिंग कर अधिक भुगतान किया गया, ऐसी 16 सड़कों की सूची मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को दी गई है। गद्दोपुर-शांतिपुरम निवासी शशांक शेखर पांडेय की ओर से की गई इस शिकायत पर मंडलायुक्त ने पीडीए वीसी को जांच करने का निर्देश दिया है। एल्गिन रोड से जीपीओ होते हुए चंद्रशेखर आजाद पार्क तक 1670 मीटर स्मार्ट सिटी के तहत सड़क सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण का टेंडर 11.35 करोड़ रुपये में हुआ था। इसमें छह फर्मों ने हिस्सा लिया। टेंडर आईडी 2018-एडीएयूपी-227617-1 में शामिल दो फर्मों की बिड शर्तें पूरी नहीं होने पर निरस्त कर दी गई, जबकि, चार फर्मों की दरें स्वीकृत कर ली गईं।

यह काम नवभारत ट्रेडिंग कंपनी को दिया गया। इसमें टेंपरिंग कर निर्धारित दर से 8.89 प्रतिशत अधिक दर पर बीओक्यू चार्ट फाइनल हुआ, लेकिन फाइल पर 14.89 प्रतिशत अधिक दर दर्ज कर भुगतान कराया गया है। इसी तरह लूकरगंज आरओबी से जानसेनगंज चौराहे तक फुटपाथ, ड्रेन और पार्किंग का टेंडर 2.75 करोड़ रुपये में हुआ। इसमें टेंडर आईडी 2018-एडीएयूपी-239223-1 के तहत चार फर्मों ने टेंडर डाला है। इसमें शिवांश कंस्ट्रक्शन कंपनी की दर सबसे न्यूनतम एल-वन थी, लेकिन टेंपरिंग कर नौ प्रतिशत अधिक दर पर काम कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन को दे दिया गया, जबकि इस फर्म का रेट तक कोड नहीं है। ऐसे में अधिक दर पर काम कराकर कैसे भुगतान किया गया, इसे लेकर अफसर सवालों के घेरे में हैं।
विज्ञापन

इसी तरह जानसेनगंज से तुलसी क्राॅसिंग तक रोड बाइडनिंग और चौड़ीकरण के अलावा कुंभ में यमुना ब्रिज और शास्त्री ब्रिज पर रेलिंग के काम के टेंडर में भी टेंपरिंग कर 10-10 प्रतिशत अधिक दरों पर भुगतान करा लिया गया है। इसके अलावा इस तरह के कई टेंडरों में टेंपरिंग कर एक ही फर्म को उपकृत करने की भी बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि गहराई से जांच कराई जाए तो इन सड़कों, पुलों की रेलिंग के अलावा अन्य कार्यों के कई टेंडरों में टेंपरिंग कर बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान का मामला खुल सकता है। इसमें पीडीए के कई अधिकारियों-कर्मचारियों का गला नपने से इन्कार नहीं किया जा सकता।

सड़कों के टेंडर में टेंपरिंग के इस मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद चौहान, उपाध्यक्ष पीडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें