यह काम नवभारत ट्रेडिंग कंपनी को दिया गया। इसमें टेंपरिंग कर निर्धारित दर से 8.89 प्रतिशत अधिक दर पर बीओक्यू चार्ट फाइनल हुआ, लेकिन फाइल पर 14.89 प्रतिशत अधिक दर दर्ज कर भुगतान कराया गया है। इसी तरह लूकरगंज आरओबी से जानसेनगंज चौराहे तक फुटपाथ, ड्रेन और पार्किंग का टेंडर 2.75 करोड़ रुपये में हुआ। इसमें टेंडर आईडी 2018-एडीएयूपी-239223-1 के तहत चार फर्मों ने टेंडर डाला है। इसमें शिवांश कंस्ट्रक्शन कंपनी की दर सबसे न्यूनतम एल-वन थी, लेकिन टेंपरिंग कर नौ प्रतिशत अधिक दर पर काम कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन को दे दिया गया, जबकि इस फर्म का रेट तक कोड नहीं है। ऐसे में अधिक दर पर काम कराकर कैसे भुगतान किया गया, इसे लेकर अफसर सवालों के घेरे में हैं।
इसी तरह जानसेनगंज से तुलसी क्राॅसिंग तक रोड बाइडनिंग और चौड़ीकरण के अलावा कुंभ में यमुना ब्रिज और शास्त्री ब्रिज पर रेलिंग के काम के टेंडर में भी टेंपरिंग कर 10-10 प्रतिशत अधिक दरों पर भुगतान करा लिया गया है। इसके अलावा इस तरह के कई टेंडरों में टेंपरिंग कर एक ही फर्म को उपकृत करने की भी बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि गहराई से जांच कराई जाए तो इन सड़कों, पुलों की रेलिंग के अलावा अन्य कार्यों के कई टेंडरों में टेंपरिंग कर बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान का मामला खुल सकता है। इसमें पीडीए के कई अधिकारियों-कर्मचारियों का गला नपने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
सड़कों के टेंडर में टेंपरिंग के इस मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद चौहान, उपाध्यक्ष पीडीए