भारत द्वारा पाकिस्तान पर वर्ष 1971 में हुए युद्ध की जीत में निकाली गई स्वर्णिम विजय मशाल रविवार 21 नवंबर को प्रयागराज पहुंच रही है। यहां स्वर्णिम विजय मशाल नौ दिन रहेगी। इस अवसर पर प्रयागराज में तमाम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
पूर्वी यूपी एवं एमपी सब एरिया हेडक्वार्टर में आयोजित प्रेस वार्ता में बुधवार को सेना की ओर से कर्नल जीएस मनीष कुमार ने बताया कि दिसंबर 1971 में, भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर एक निर्णायक और ऐतिहासिक जीत हासिल की। 50 वर्ष पूर्व होने के अवसर पर पिछले वर्ष यह मशाल दिल्ली से निकाली गई थी। जो देश के तमाम हिस्सों से होते हुए 21 नवंबर को प्रयागराज पहुंच रही है।
यहां स्वर्णिम विजय मशाल का चंद्रशेखर आजाद पार्क में स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मशाल न्यू कैंट स्थित वॉर मेमोरियल में लाई जाएगी। कहा कि उस युद्ध में शहीद हुए प्रयागराज के सुमेरपुर गांव के रहने वाले दीनानाथ की मूर्ति का भी अनावरण उनके गांव में किया जाएगा। खास बात यह है कि दीनानाथ 21 नवंबर 1971 को ही शहीद हुए थे और उसी दिन उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
इसके अलावा स्वर्णिम मशाल 22 को इलाहाबाद हाईकोर्ट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, 23 को एमएनएनआईटी, 24 को पुलिस लाइन जाएगी। 25 को सूबेेदारगंज स्थित रेलवे मुख्यालय में भी इसे ले जाने का कार्यक्रम है। 26 को एयरफोर्स बमरौली, 27 को सीओडी छिवकी, 28 को ओडी फोर्ट एवं 29 को यह मशाल अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हो जाएगी। इन सभी दिनों में तमाम कार्यक्रम जैसे मिनी मैराथन, स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगिता, वीर सेनानियों एवं नारियों का सम्मान आदि आयोजन भी होंगे।