निस्तारण से पहले जांच भी कराई
वादों का निस्तारण हाईकोर्ट के विभिन्न आदेश व हाल में ही जारी शासनादेश के अनुसार किया गया। इसमें अभियोजन अधिकारी आनंद कुवर गुप्त ने सालों से लंबित इन वादों में प्रभावी पैरवी की। साथ ही कोर्ट का ध्यान पूर्व में निर्गत आदेशों, शासनादेशों की ओर आकृष्ट कराया। इसके तहत जिन वादों में एक ही मुकदमे के आधार पर वर्षों पहले नोटिस जारी किया गया था, उनमें नोटिस वापस लेने की कार्यवाही की गई। इससे पूर्व संबंधित वादकारियों की ओर से कोई नया गंभीर अपराध कारित न किए जाने संबंधी जांच भी कराई गई।
लंबित वादों के निस्तारण को चल रहा अभियान
गुंडा एक्ट के 3800 से ज्यादा लंबित वादों के निस्तारण के लिए पुलिस आयुक्त न्यायालय की ओर से अभियान चलाकर इनके निस्तारण की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए ही यह निर्णय भी लिया गया कि सप्ताह में दो की जगह पुलिस आयुक्त न्यायालय तीन दिन वादों की सुनवाई करेगा।