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Prayagraj : छात्र विवेक पर जानलेवा हमला करने वाले चीफ प्रॉक्टर को बर्खास्त किया जाए, दर्ज हो एफआईआर

Wed, 01 Nov 2023 04:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक जगहों को छात्रों के लिए खत्म किया जा रहा है। इलाहाबाद विवि वाद- विवाद, संवाद के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब इस विरासत को नष्ट किया जा रहा है।
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प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते छात्रनेता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों पर जारी बर्बर दमन,छात्रों के अलोकतांत्रिक निलंबन और विवेक कुमार पर चीफ प्रॉक्टर द्वारा प्राणघातक हमले के खिलाफ संयुक्त छात्र संगठनों, नागरिक समाज, अधिवक्ता मंच ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चीफ प्रॉक्टर राकेश सिंह पर मुकदमा दर्ज कर करवाई करने तथा उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही आगामी 23 नवंबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन गेट पर छात्र महापंचायत करने की घोषणा की।

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आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक जगहों को छात्रों के लिए खत्म किया जा रहा है। इलाहाबाद विवि वाद- विवाद, संवाद के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब इस विरासत को नष्ट किया जा रहा है। सभी छात्र संगठन मिलकर विश्वविद्यालय की संस्कृति,लोकतांत्रिक विरासत को बचाने के लिए एकजुट हों।
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छात्र राजनीति खत्म करना चाहती है सरकार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि विश्वविद्यालय की तात्कालिक स्थिति में आम परिवेश से आने वाले छात्रों के राजनीतिक सपनों को खत्म किया जा रहा है। छात्र संघ खत्म कर छात्रों को मूलभूत जरूरत से बेदखल कर दिया गया है। नागरिक समाज की तरफ से अपनी बात रखते हुए विनोद तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय का निजीकरण करने की कोशिश हैं, जिसके खिलाफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन तथा लोकतंत्र बहाली के लिए नागरिक समाज  मजबूती से समर्थन करता हैं तथा लोकतांत्रिक माहौल को बहाल करने की मांग करता हैं।

जेल में छात्रों से किया जा रहा अपराधियों जैसा सुलूक

एनएसयूआई उपाध्यक्ष सत्यम कुशवाहा ने कहा कि तीन-तीन महीने छात्रों को जेल में रखकर उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय प्रशासन तथा योगी की पुलिस के शिक्षा विरोधी होने का चेहरा उजागर करता है। समाजवादी छात्र सभा की तरफ से सुधीर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दलित पिछड़े छात्रों के साथ निलंबन निष्कासन किया जा रहा है। उन्हें शिक्षा से बेदखल करने की कोशिश है जो शर्मनाक हैं।













दिशा के प्रांजल ने कहा की समस्त छात्रों को एकजुट होकर शिक्षा विश्वविद्यालय में हो रहे हमले के खिलाफ लड़ना होगा। एआईएसएफ की तरफ से सुफियान ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी व्यक्तिगत जागीर समझना प्रशासन में बैठे लोग बंद करें अन्यथा छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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छात्रों का दमन नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

अधिवक्ता मंच की तरफ से नितेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए जा रहे निलंबन निष्कासन अवैधानिक हैं। अधिवक्ता मंच छात्रों की लड़ाई में उनके साथ हैं और कैंपस में लोकतंत्र बहाल किए जाने की मांग करता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा आकांक्षा आजाद ने कहा कि छात्रों के ऊपर जारी बर्बर दमन के खिलाफ प्रदेशव्यापी एकजुटता व्यक्त कर लोकतंत्र बहाली के लिए आंदोलन चलाया जाएगा।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे तथा वर्तमान अधिवक्ता अरविंद सरोज ने अपनी बात रखते हुए कहा की दलित पिछड़ों के ऊपर जान बूझकर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसएफआई के आशीष ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का माहौल खत्म किया जा रहा है। गरीब छात्रों को पढ़ने लिखने से बेदखल करने की साजिश की जा रही है। प्रेस कांफ्रेंस में राहुल पटेल,साक्षी, चंदा यादव, शिवानी, आयुष, सुयश, शशांक, आदित्य आदि शामिल रहे। 
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