जेल में छात्रों से किया जा रहा अपराधियों जैसा सुलूक
एनएसयूआई उपाध्यक्ष सत्यम कुशवाहा ने कहा कि तीन-तीन महीने छात्रों को जेल में रखकर उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय प्रशासन तथा योगी की पुलिस के शिक्षा विरोधी होने का चेहरा उजागर करता है। समाजवादी छात्र सभा की तरफ से सुधीर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दलित पिछड़े छात्रों के साथ निलंबन निष्कासन किया जा रहा है। उन्हें शिक्षा से बेदखल करने की कोशिश है जो शर्मनाक हैं।
दिशा के प्रांजल ने कहा की समस्त छात्रों को एकजुट होकर शिक्षा विश्वविद्यालय में हो रहे हमले के खिलाफ लड़ना होगा। एआईएसएफ की तरफ से सुफियान ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी व्यक्तिगत जागीर समझना प्रशासन में बैठे लोग बंद करें अन्यथा छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
छात्रों का दमन नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
अधिवक्ता मंच की तरफ से नितेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए जा रहे निलंबन निष्कासन अवैधानिक हैं। अधिवक्ता मंच छात्रों की लड़ाई में उनके साथ हैं और कैंपस में लोकतंत्र बहाल किए जाने की मांग करता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा आकांक्षा आजाद ने कहा कि छात्रों के ऊपर जारी बर्बर दमन के खिलाफ प्रदेशव्यापी एकजुटता व्यक्त कर लोकतंत्र बहाली के लिए आंदोलन चलाया जाएगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे तथा वर्तमान अधिवक्ता अरविंद सरोज ने अपनी बात रखते हुए कहा की दलित पिछड़ों के ऊपर जान बूझकर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसएफआई के आशीष ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का माहौल खत्म किया जा रहा है। गरीब छात्रों को पढ़ने लिखने से बेदखल करने की साजिश की जा रही है। प्रेस कांफ्रेंस में राहुल पटेल,साक्षी, चंदा यादव, शिवानी, आयुष, सुयश, शशांक, आदित्य आदि शामिल रहे।