छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद का मॉडल लागू करने की तैयारी के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज होगा। मंगलवार को छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ पदाधिकारियों, कॉलेज के छात्र नेताओं की बैठक में आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए रणनीति बनाई गई।
छह साल पहले पांच दिसंबर 2012 को जब एकेडमिक कौंसिल की बैठक में छात्र परिषद का मॉडल लागू किए जाने का निर्णय लिया गया था, उस वक्त इविवि प्रशासन को जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा था और इविवि प्रशासन ने अपना निर्णय वापस लेते हुए छात्रसंघ को बहाल कर दिया था। इस बार इविवि प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर कार्य परिषद में छात्र परिषद का मॉडल लागू करने पर निर्णय लिया जाता है तो फिर हंगामा हो सकता है।
उधर, छात्रसंघ भवन पर हुई बैठक में छात्र नेताओं ने कहा कि इविवि प्रशासन छात्रों की आवाज को दबाना चाहता है। इस बार के आंदोलन में इविवि के साथ कॉलेजों के छात्र भी शामिल होंगे। छात्रसंघ बचाने के लिए छात्र इविवि प्रशासन से लोहा लेने को तैयार हैं। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा है कि छात्रसंघ को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा।