शिवकुटी में तेलियरगंज स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल के भीतर हिडेन कैमरा लगा होने की बात पर हंगामा होने के मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान हॉस्टल के भीतर किसी तरह का हिडन कैमरा नहीं मिला। उधर, आरोप लगाने वाली छात्रा ने रात में ही हॉस्टल छोड़ दिया।
तेलियरगंज के कुम्हार गली स्थित गर्ल्स हॉस्टल में कुल 14 कमरे में हैं। इनमें मौजूदा समय में 24 छात्राएं रहती हैं। 20 मई की सुबह को उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्राओं ने हॉस्टल के भीतर कैमरा लगा होने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस का कहना था कि जांच पड़ताल के बाद भी उसे कोई कैमरा नहीं मिला। हालांकि छात्राएं मानने को तैयार नहीं थीं। उनका आरोप था कि पुलिस शिकायत दर्ज करने की जगह मामले को रफा दफा करना चाहती है। जानकारी पर एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कंप्यूटर एक्सपर्ट्स की एक टीम रात में ही मौके पर भेजी। पुलिस का दावा है कि टीम ने घंटों जांच पड़ताल की लेकिन वहां कोई हिडन कैमरा नहीं मिला। टीम ने बताया कि हॉस्टल में केवल तीन ही कैमरे मिले, जिनमें दो बाहर व एक बरामदे में मिला। इन्हीं तीनों कैमरों का फुटेज डीवीआर में भी मिला। शिवकुटी इंस्पेक्टर ऋषिाल ने बताया कि जांच पड़ताल में हिडन कैमरा लगा होने की बात सही नहीं पाई गई।
तीन और छात्राओं के हॉस्टल छोड़ने की रही चर्चा
उधर, फैजाबाद निवासी जिस प्रतियोगी छात्रा ने हिडन कैमरा होने का आरोप लगाया था, उसने रात में ही हॉस्टल छोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि छात्रा हॉस्टल मेें रहने को तैयार नहीं थी, ऐसे में उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। उधर, अन्य छात्राओं ने मंगलवार को इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। चर्चा रही कि घटना वाली रात को एक और सुबह अगले दिन दो अन्य छात्राएं भी हॉस्टल छोड़क चली गईं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
पुलिस पर घालमेल का आरोप
आरोप लगाने वाली छात्रा के देवर ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस शुरू से घालमेल करती रही। 14 छात्राओं ने मौके पर पहुंचते ही पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। शाम सात बजे से लेकर रात 11 बजे तक टालमटोल की जाती रही। आखिरकार रात में हॉस्टल मालिका को क्लीन चिट दे दी गई। उसकी मानें तो डरा-धमकाकर अन्य छात्राओं को भी चुप करा दिया गया।
नहीं रहना चाहती थी छात्रा, इसलिए किया हंगामा
मामले में हॉस्टल मालिक का कहना है कि आरोप लगाने वाली छात्रा ने ही हॉस्टल छोड़ा है। वह 8-10 दिन पहले ही यहां आई थी और उसे तब से ही यहां रहना महंगा लग रहा था। उसने कहीं और कमरा देख लिया था जिसके चलते वह एडवांस जमा रकम वापस मांग रही थी। इंकार करने पर उसने देख लेने की धमकी दी थी और सोमवार को हंगामा खड़ा कर दिया। हॉस्टल मालिक का कहना है कि उसके अलावा किसी अन्य छात्रा ने हॉस्टल नहीं छोड़ा है।
क्या था मामला
एक प्रतियोगी छात्रा ने आरोप लगाया कि वह हॉस्टल के मुख्य दरवाजे के पास बरामदे में लगे वाटर कूलर से पानी पीने गई थी इसी दौरान उसने सामने रखे मॉनिटर पर हॉस्टल के भीतर का दृश्य देखा तो उसके होश उड़ गए। इसमें छात्रा वॉश बेसिन पर हाथ धोते हुए दिखाई पड़ रही थी। उसने अन्य छात्राओं को यह बात बताई, जिस पर वह आक्रोशित हो उठीं। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें यह बताया गया था कि हॉस्टल के भीतर कोई कैमरा नहीं है।