इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विद्युत निगम के वाराणसी, साहुपूरी गोदाम से डेढ़ करोड़ रुपये के सामान के गबन मामले में बर्खास्त स्टोरकीपर रमेश चंद्र मालवीय को राहत देने से इन्कार कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विद्युत निगम के वाराणसी, साहुपूरी गोदाम से डेढ़ करोड़ रुपये के सामान के गबन मामले में बर्खास्त स्टोरकीपर रमेश चंद्र मालवीय को राहत देने से इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने विशेष अपील खारिज कर दी।
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रमेश चंद्र मालवीय प्रभारी स्टोरकीपर थे। 1997 में जांच में 1.86 करोड़ रुपये का सामान गोदाम से गायब मिला। अधीक्षण अभियंता ने 23 मार्च 2000 को उन्हें बर्खास्त कर दिया और गबन राशि की वसूली का आदेश दिया। इस फैसले को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनका कहना था कि उन्हें जांच अधिकारी की रिपोर्ट की प्रति नहीं दी गई, जिससे सफाई देने का उचित अवसर नहीं मिला। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है।
कोर्ट ने पाया कि गोदाम में सामान की कमी का रिकॉर्ड पर प्रमाण है। अपीलकर्ता ने स्वयं उस सामान की रसीद पर हस्ताक्षर किए थे। उनका यह कहना कि तत्कालीन कार्यकारी अभियंता के दबाव में उन्होंने रसीद पर हस्ताक्षर किए, यह विश्वसनीय नहीं है।