प्रदेश भर में हो रहे अधिवक्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 20 फरवरी को वकील हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन किसी भी अदालत में अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। बार कौंसिल ने वकीलों की हत्या की घटनाओं में पीड़ित परिवारों को मुआवजा, सरकारी नौकरी देने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग की है।
कौंसिल के सदस्य सचिव देवेंद्र मिश्र नगरहा ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन दारागंज की पुलिस ने अधिवक्ता शशांक मिश्र की अनायास पिटाई की और उनकी गाड़ी का 1450 रुपये का चालान कर दिया व वाहन सीज कर दिया गया। इसी प्रकार से महोबा में अधिवक्ता मुकेश पाठक और मेरठ में ओमकार सिंह तोमर ने अराजक तत्वों से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। तेलंगाना में अधिवक्ता दंपती की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इन सब घटनाओं को लेकर प्रदेश भर के अधिवक्ता 20 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए संबंधित जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे।
ज्ञापन में मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता व सरकारी नौकरी देने की मांग की जाएगी। बार कौंसिल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करवाने के लिए भी आंदोलन करेगा।