इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय में फैकेल्टी की स्थापना तथा पढ़ाई की शुरुआत तीन चरणों में होगी। इनका निर्माण जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की तर्ज पर किया जाएगा। पहले चरण में मानविकी, सामाजिक विज्ञान, इंटरनेशनल स्टडीज और कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट में पढ़ाई होगी। हालांकि, आगामी सत्र से इनमें भी सभी विषयों में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। शिक्षकों के स्वीकृत पद तथा अन्य संसाधनों को ध्यान में रखकर कोर्स शुरू किए जाएंगे। पहले सत्र में परास्नातक कोर्स शुरू करने की ही योजना है। संबद्ध मंडल के 462 कालेजों के लिए दाखिले की प्रक्रिया भी विश्वविद्यालय में पूरी की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आगामी सत्र के लिए विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर जल्द जारी किया जाएगा।
कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों के पदों की संख्या जल्द घोषित की जाएगी। स्थायी नियुक्ति तक वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षकों के पदों का विवरण मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि आगामी सत्र से किन-किन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शरू की जाए। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी आदि अफसरों की नियुक्ति भी इसी सप्ताह होने की उम्मीद है। इनके अलावा कर्मचारियों के 108 पद स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में बेसिक साइंस, अप्लाइड साइंस, अर्थ साइंस, स्किल डेवलपमेंट आदि में कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। तीसरे चरण में एग्रीकल्चर, मेडिकल, इंजीनियरिंग, आयुर्वेदिक, यूनानी आदि फैकेल्टी की स्थापना होगी। उन्होंने बताया कि नैनी में 125 एकड़ में विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण होना है। इसमें तकरीबन 25 एकड़ में तो लाइब्रेरी होगी। यह विश्वविद्यालय अन्य अत्याधुनिक संसाधानों से युक्त होगा।
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय से कानपुर, फैजाबाद आदि विवविद्यालय से संबद्ध मंडल के 462 कालेजों को जोड़ा गया है। इन कालेजों में पहले से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी डिग्री इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय से दी जाएगी, लेकिन इनकी परीक्षा संबंधित विश्वविद्यालय ही कराएंगे। इस तरह से स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष, परास्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधित विश्वविद्यालय कराएंगे। उनकी संस्तुति पर इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय से डिग्री प्रदान की जाएगी।