जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल लगातार दसवें दिन भी जारी रही। सुबह से ही अस्पताल परिसर में लगाए गए पंडाल में चिकित्सक मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। इसकी वजह से एक भी पर्चा नहीं बन सका। ओपीडी में बैठे सीनियर कंसल्टेंट ने पुराने मरीजों को ही देखा। इसके अलावा भर्ती मरीजों के ब्लड का सैंपल और उनकी जांचें की गईं। ऐसे में कुछ मरीज प्रमुख अधीक्षक के पास अपनी दयनीय हालत को लेकर पहुंचे, जिसके बाद उनकी जांचें हो सकीं। सोनभद्र, बांदा, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़ व भदोही से आए कई मरीज पर्चा बनवाने ट्रामा पहुंच गए। वहां काफी चिरौरी के बाद उनका पर्चा बनाया जा सका।
कोलकाता की घटना के विरोध में वकीलों ने नहीं किया कामकाज
कोलकाता की घटना के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ न्यायिक कार्य से विरत रहा। वहीं, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन से जुड़े अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्रा रज्जू भइया ने कोलकाता की घटना की निंदा की और भारत बंद का समर्थन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व लॉयर्स यूनियन के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय और संचालन सचिव आशुतोष कुमार तिवारी ने किया। इस मौके पर अधिवक्ता पाशाली सोलंकी, रिंकी रेनु, सुमन श्रीवास्तव, सपना सिंह, रंजना सागर,सना बानो, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, केशल सिंह, मंजीत सिंह, आनंद स्वरूप गौतम, सुरेंद्र सिंह, सतेंद्र कुमार, राहुल त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह,नीतिन श्रीवास्तव, श्याम सिंह सोमवंशी, अरविंद कुमार राय, आशुतोष कुमार तिवारी रहे।