कोलकाता की घटना के बाद भी स्वरूप रानी अस्पताल ने सबक नहीं लिया है। यहां 50 महिला चिकित्सकों व 700 नर्सों की तैनाती है। इसके बावजूद आठ माह से अस्पताल में लगे 96 कैमरे में बंद पड़े हैं। वहीं, सात सुरक्षा गार्डों की तैनाती है। इसमें से सिर्फ एक के पास बंदूक रहती है, अन्य डंडा लेकर ड्यूटी करते हैं।
2018 में एसआरएन में 96 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनकी वारंटी पांच वर्ष की थी, जो सितंबर 2023 में समाप्त हो गई। पिछले एक साल से ये कैमरे चल रहे हैं कि नहीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। कोलकाता की घटना के बाद एसआरएन प्रशासन को याद आई तो इन्हें रिपेयर करने की योजना बनाई गई। जब इन कैमरों को लगाने वाली स्टार कम्युनिकेशन संस्था से बात की गई तो पता चला कि एक साल से कैमरों को लेकर कोई भी बात नहीं हुई है।
वहीं, दूसरी तरफ एक हफ्ते से हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। खासतौर से इमरजेंसी मेडिसिन, एचडीयू, इमरजेंसी सर्जरी व लेबर रूम में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसके अलावा रेजिडेंट महिला डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी अस्पताल में रात-दिन रहती है। ऐसे में रात में खतरा और बढ़ जाता है। चार दिन पहले एमएलएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ.वत्सला मिश्रा संग बैठक में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। चिकित्सकों का साफ कहना है कि पहले सुरक्षा मिले तब काम होगा।