फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SRN Hospital :  750 महिला स्टाफ, आठ माह से 96 कैमरे बंद, सात गार्डों में एक के पास ही बंदूक

Mon, 19 Aug 2024 01:25 PM IST
विनोद सिंह पुनीत त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी

सार

2018 में एसआरएन में 96 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनकी वारंटी पांच वर्ष की थी, जो सितंबर 2023 में समाप्त हो गई। पिछले एक साल से ये कैमरे चल रहे हैं कि नहीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
विज्ञापन
सीसीटीवी कैमरा। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता की घटना के बाद भी स्वरूप रानी अस्पताल ने सबक नहीं लिया है। यहां 50 महिला चिकित्सकों व 700 नर्सों की तैनाती है। इसके बावजूद आठ माह से अस्पताल में लगे 96 कैमरे में बंद पड़े हैं। वहीं, सात सुरक्षा गार्डों की तैनाती है। इसमें से सिर्फ एक के पास बंदूक रहती है, अन्य डंडा लेकर ड्यूटी करते हैं।

2018 में एसआरएन में 96 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनकी वारंटी पांच वर्ष की थी, जो सितंबर 2023 में समाप्त हो गई। पिछले एक साल से ये कैमरे चल रहे हैं कि नहीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। कोलकाता की घटना के बाद एसआरएन प्रशासन को याद आई तो इन्हें रिपेयर करने की योजना बनाई गई। जब इन कैमरों को लगाने वाली स्टार कम्युनिकेशन संस्था से बात की गई तो पता चला कि एक साल से कैमरों को लेकर कोई भी बात नहीं हुई है।

विज्ञापन


वहीं, दूसरी तरफ एक हफ्ते से हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। खासतौर से इमरजेंसी मेडिसिन, एचडीयू, इमरजेंसी सर्जरी व लेबर रूम में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसके अलावा रेजिडेंट महिला डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी अस्पताल में रात-दिन रहती है। ऐसे में रात में खतरा और बढ़ जाता है। चार दिन पहले एमएलएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ.वत्सला मिश्रा संग बैठक में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। चिकित्सकों का साफ कहना है कि पहले सुरक्षा मिले तब काम होगा।

विज्ञापन

  • सीसीटीवी कैमरों की रिपेयरिंग के लिए संस्था को जिम्मेदारी दे दी गई है। जल्द ही इन्हें ठीक कर दिया जाएगा। अस्पताल में लगभग हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। - डॉ.अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल
  • अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को लेकर डीजी को पत्र लिखा गया है। खासतौर से रात के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। उम्मीद है कि जल्द यहां पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। - डॉ.वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज
  • अस्पताल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कई बार रेजिडेंट डॉक्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। - डॉ.सचिन कुमार, अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें