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एसआरएन हॉस्पिटल: जूनियर डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी में मरीज की पत्नी व बेटियों के खिलाफ केस दर्ज

Mon, 06 Sep 2021 08:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एसआरएन अस्पताल के वार्ड नंबर 18 में भर्ती विंदेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव (90) की एक दिन पहले इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया तो डॉक्टरों से उनका विवाद हो गया था।
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Prayagraj News : एसआरएन हास्पिटल में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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एसआरएन अस्पताल में एक दिन पहले हुई मारपीट के मामले में मरीज के परिजनों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी व दो बेटियों के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज के आरोप में नामजद केस लिखा है। रिपोर्ट जूनियर डॉक्टरों की तहरीर पर लिखी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।

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एसआरएन अस्पताल के वार्ड नंबर 18 में भर्ती विंदेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव (90) की एक दिन पहले इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया तो डॉक्टरों से उनका विवाद हो गया था। जिसके बाद जमकर मारपीट हुई थी जिसमें मरीज की पत्नी शीला श्रीवास्तव का सिर फूट गया था। उधर जूनियर डॉक्टरों ने भी महिला डॉक्टर से मारपीट का आरोप लगाया था। इसे लेकर अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था।

देर रात तक अस्पताल में पुलिस अफसर डॉक्टरों से बातचीत में जुटे रहे। देर  रात जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की तहरीर पर मृतक की पत्नी व दो बेटियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें आरोप लगाया गया कि  पहले तो उन्होंने गालीगलौज की और विरोध पर मारपीट शुरू कर दी। जिसमें महिला डॉक्टर चोटिल हो गई। कोतवाली प्रभारी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि केस दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।

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मौत के 11 घंटे बाद घर लाया जा सका शव
हंगामे के चलते घटना के 11 घंटे बाद मृतक का शव अस्पताल से घर लाया जा सका। मृतक के बेटे आशुतोष ने बताया कि वह गुहार लगाता रहा लेकिन उसे पिता का शव नहीं सौंपा गया। पुलिस व डॉक्टरों में बातचीत चलती रही और शव वहीं पड़ा रहा। रात दो बजे के करीब लिखापढ़ी के बाद उसे शव सौंपा गया। उसका यह भी आरोप है कि घटना के बाद से उसकी मां व बहनों को थाने में बैठाए रखा गया और रात में छोड़ा गया।

अस्पताल में आए दिन होता है बवाल
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों व तीमारदारों से मारपीट का यह पहला मामला नहीं। आए दिन यहां बवाल होता है। कुछ दिनों पहले प्रतापगढ़ के इंस्पेक्टर की मां की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ था। इस दौरान इंस्पेक्टर व उसके भाई को पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया गया था। उधर डॉक्टरों ने भी मारपीट का आरोप लगाया था और कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज कराया था।
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