कॉल्विन, डफरिन जैसे गैर कोविड अस्पतालों में ओपीडी शुरू होने के बाद अब स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और बेली में भी ओपीडी की सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इन दोनों ही अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम रह गई है। बेली में सिर्फ पांच कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं, जबकि स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में 24 का उपचार चल रहा है।
दरअसल लखनऊ एसजीपीजीआई में सोमवार से ओपीडी शुरू हो रही है। एसजीपीजीआई भी कोविड अस्पताल है। लेकिन मरीजों की संख्या कम होने से शासन ने वहां सोमवार से ओपीडी शुरू करने का आदेश दिया है। उसी क्रम में यहां भी स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और बेली अस्पताल में ओपीडी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन दोनों अस्पतालों में सामान्य दिनों में चार से पांच हजार मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंचते थे। लेकिन, जबसे ये दोनों कोविड अस्पताल बनाए गए, तबसे ओपीडी बंद कर दी गई है।
तकरीबन दो महीने से ओपीडी में मरीजों को न देखे जाने से गैर कोविड मरीजों को पेरशानी हो रही है। हालांकि शासन गैर कोविड अस्पतालों जैसे डफरिन, कॉल्विन, मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय, सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय, टीबी अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी संचालित करने का आदेश दे चुका है। शुक्रवार से इन अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी शुरू भी हो गई। लेकिन मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में ही मिल सकती है।
वहां कोरोना के 24 मरीज भर्ती हैं, जबकि, बेली में महज पांच मरीज हैं। इसको देखते हुए इन दोनों अस्पतालों में भी ओपीडी शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। कहा जा रहा है कि इसी हफ्ते शासन की ओर से ओपीडी शुरू करने का आदेश भी आ जाएगा। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि ओपीडी शुरू करने के लिए शासन की ओर से अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आते ही ओपीडी शुरू कर दी जाएगी।
कोविड के मुकाबले दोगुने पोस्ट कोविड मरीज हैं भर्ती
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में इस समय कोविड के मुकाबले पोस्ट कोविड मरीज दोगुनी संख्या में भर्ती हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के मुताबिक चिकित्सालय में कोविड के 24 मरीज भर्ती हैं तो पोस्ट कोविड के 60 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। पोस्ट कोविड मरीजों के लिए तीन वार्ड बनाए गए हैं। उसी में भर्ती कर सबका उपचार किया जा रहा है।