ऋचा सिंह ने राज्यपाल को भेजा पत्र
इसी तरह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सपा नेता ऋचा सिंह ने इस मामले में राज्यपाल को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि छात्राओं के अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने वाले अपराधी को कुछ ही घंटों में जमानत मिल जाना बेहद आश्चर्यजनक और शर्मनाक है।
अपराधी के जमानत पर छूटने से सबूतों से छेड़छाड़ व छात्राओं को ब्लैकमेल किए जाने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। आरोप लगाया कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा नहीं दर्ज किया। पत्र में मांग की गई है कि मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी के कठोरता से पालन के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया जाए।
Prayagraj News : गर्ल्स हॉस्टल की मालिक का आरोपी बेटा आशीष खरे।
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महिला आयोग तक पहुंचा मामला, प्रतियोगियों ने की शिकायत
छात्राओं के बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने के मामले की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग से की गई है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से भेजे गए पत्र में दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर सभी वैध एवं अवैध महिला हॉस्टलों की जांच कराए जाने की मांग की गई है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर साल यहां दूसरे जिलों से हजारों बेटियां आती हैं। इस घटना से छात्राओं के बीच में डर और दहशत का माहौल है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति आईटी के जानकार छात्रों और छात्राओं की एक टीम बनाकर स्वयं ऐसे तमाम गर्ल्स हॉस्टलों का निरीक्षण अभियान शुरू करेगी। इस दौरान अगर कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
निरस्त कराएंगे जमानत, कोर्ट में दी जाएगी अर्जी
इस मामले में एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि मामले से संबंधित सभी धाराएं लगाई गईं। छेड़छाड़ के साथ ही आईटी एक्ट की भी धारा लगाई गई। सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने केचलते आरोपी को जमानत मिल गई। लेकिन इस मामले में पुलिस की ओर से जमानत निरस्त कराने का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी जाएगी।