बारिश के साथ ही मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े ही बता रहे हैं कि जून के मुकाबले जुलाई में मलेरिया के मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना इजाफा हुआ है। बुखार आने पर डेंगू की आशंका में भी कई मरीजों की जांच कराई गई है लेकिन अब तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। बारिश में बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बेली, कॉल्विन और एसआरनएन जैसे अस्पतालों में अलग से बेड आरक्षित कर दिए हैं।
बारिश शुरू होने के साथ ही मच्छर, मक्खियों से होने वाली बीमारियों ने भी हमला बोल दिया है। शहर के दारागंज, अल्लापुर, रसूलाबाद, तेलियरगंज, शिवकुटी, सलोरी, ओम गायत्रीनगर, राजापुर, करेली, चौक, कीडगंज, मुट्ठीगंज, गऊघाट, झूंसी, फाफामऊ और ग्रामीण क्षेत्रों में शंकरगढ़, कोरांव, बारा, फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, होलागढ़, बहरिया, बहादुरपुर समेत कई इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए एसआरएन, बेली, कॉल्विन, चिल्ड्रेन अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केपी द्विवेदी के मुताबिक जून में जहां आठ हजार मरीजों की जांच की गई थी, वहीं जुलाई में 12 हजार मरीजों ने जांच कराई।
इनमें से 600 मरीज पॉजिटिव पाए गए जबकि जून में 400 मरीज पॉजिटिव मिले थे। मलेरिया के साथ अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा देखते हुए सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने चिकित्साधिकारियों का एलर्ट कर दिया है। बेली अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. वीके सिंह का कहना है कि संक्रामक बीमारियों के लिए वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई के प्रभारी डॉ. एएन मिश्रा के मुताबिक मलेरिया, डेंगू के खतरे को देखते हुए टीम का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा मरीजों के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है। लोग कंट्रोल रूम के फोन नंबर ‘0532-2640645’ पर सूचना दे सकते हैं।
स्थित आयुर्वेर्िदक, हिम्मत गंज स्थित यूनानी मेडिकल कॉलेज के साथ शहर के प्राथमिक, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में जुकाम, बुखार, खांसी, टाइफाइड, पीलिया के मरीजों की संख्या में आम दिनों के मुकाबले 40 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। एसआरएन चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग के डॉ. मनोज माथुर कहते हैं कि जून माह में प्रतिदिन ओपीडी में औसतन 125 मरीज आते थे। वहीं, अब 170 से 180 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीज वायरल बीमारियों से ग्रस्त हैं। बेली अस्पताल में पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीता साहू कहती हैं कि प्रतिदिन आने वाली चार सौ जांच में टाइफाइड, पीलिया जैसी बीमारियों के मरीज ज्यादा हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शक्ति के मुताबिक इस मौसम में शरीर में चकत्ते पड़ना, दाना निकल आना, खुजली होना, फोड़े-फुंसी जैसी शिकायतें ज्यादा आती हैं।
बचाव के उपाय
0 मच्छरों से बचने के लिए क्वॉयल और मच्छरदानी आदि का इस्तेमाल करें
0 पूरी बांह वाली शर्ट पहनें
0 बारिश में भीगने से बचें
0 भीगे कपड़े पहनने से बचें
0 ताजा खाना खाएं
0 कोल्ड ड्रिंक्स जैसे पेय पदार्थों से बचें
0 सादा पानी पीएं
0 साफ-सफाई के साथ रहें
0 पौष्टिक आहार लें