सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि पुल के किनारों पर डेढ़ मीटर के सीमेंटेड क्रैश बैरियर बनाए गए हैं। उनके ऊपर डेढ़ मीटर के ही साउंड बैरियर लगाए जाएंगे। इस तरह के साउंड बैरियर में बाहरी हिस्से के बीच में ग्लास वूल भरा होता है, जोकि ध्वनि को रोकने में सहायक होता है। इसकी मदद से रोड की सीमा के बाहर आवाज 55 डेसिबल से कम हो जाती है, जोकि मानक अनुरूप होती है।
एक साउंड बैरियर की लंबाई तीन मीटर व ऊंचाई आधा मीटर है। ऐसे में पुल के किनारे के एक भाग में एक के ऊपर एक तीन साउंड बैरियर लगेंगे। इसके आधार पर इनकी कुल लंबाई नौ मीटर और ऊंचाई डेढ़ मीटर होगी। ठीक इसी प्रकार चौड़ाई में भी तीन साउंड बैरियर का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में 869.27 मीटर लंबे पुल के दोनों तरफ लगभग 700-700 मीटर तक साउंड बैरियर लगाए जाएंगे।
क्या होंगे ध्वनि के मानक (डेसिबल में)
क्षेत्र दिन रात
रिहायशी 55 45
व्यावसायिक 65 55
अन्य काम भी होंगे
साउंड बैरियर के अलावा पुल पर मीडियन मार्कर, थर्मो प्लास्टिक पेंट, कैटाइज व सभी 40 खंभों पर तिरंगा लाइटें लगाई जाएंगी। ऐसे में यह पुल एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
पुल पर आवागमन हुआ शुरू
पुल का काम मंगलवार को पूरा हो गया। इसके बाद यहां पर वाहनों का आवागमन भी पूर्ण रूप से शुरू कर दिया गया है। वहीं, सेतु निगम की ओर से अब पुल के सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।
बक्शी बांध रेलवे ओवर ब्रिज पर चलने वाले वाहनों की आवाज लोगों के घरों तक न जाए और ध्वनि प्रदूषण न बढ़े, इसके लिए साउंड बैरियर लगाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि 26 जनवरी तक पुल पर इन्हें लगाने का काम पूरा हो जाएगा। - मनोज अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम