जिस मामले में अली की बुधवार को पेशी हुई वह घटना 26 जुलाई को दोपहर की बताई जाती है। चकिया निवासी जीशान ने आरोप लगाया था कि वह अपने साथी आंचल कुमार भारतीया और नाजिम के साथ फनगांव के करीब जमीन देखने गया था। इसी दौरान एक कार से फैसल, असाद, कछोली, अमन, इमरान, गोलू सहित अन्य लोग आए और उनकी कार को घेर लिया। तभी मास्क लगा रखे एक युवक ने मारने के लिए कहा।
उसकी आवाज सुनते ही कार में सवार फैसल समेत अन्य युवक तमंचा, पिस्टल लेकर दौड़ा लिया और फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलते ही जीशान ने साथियों के साथ केले के बाग में घुसकर जान बचाई थी। घटना के बाद वह लखनऊ चला गया था, लौटने के बाद उसने एफआईआर लिखने की तहरीर दी थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी के लिए हाईकोर्ट से लगाई थी गुहार
अतीक अहमद की हत्या के बाद नैनी जेल में बंद अली ने सुरक्षा बढ़ाए जाने और वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने के की गुहार हाईकोर्ट से भी लगाई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने उसे राहत नही दी थी। फिर भी अब तक उसकी पेशी एहतियातन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही कराई जाती थी, लेकिन अचानक बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अली को नैनी जेल से अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। उसे देखने के लिए लोगो का हुजूम भी उमड़ा। अदालत ने पेशी की अगली तारीख नित्य की जिसके बाद उसे फिर नैनी जेल ले जाया गया।
डिस्चार्ज अप्लीकेशन दाखिल किया
अली ने डिस्चार्ज अप्लीकेशन दाखिल किया है। इस पर 21 मार्च को सुनवाई होगी। पेशी में आए अली का लुक काफी बदला था। वह सामान्य कपड़ों में नजर आया। बताया जाता है कि वह रोजा भी था।