गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान ने समावेशी विकास के लिए कौशल, नवाचार और उद्यमिता विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। पंत संस्थान और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से ‘समावेशी एवं सतत विकास हेतु कौशल, नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं को उजागर करना’ शीर्षक से दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजित हुई।
जीबी पंत की प्रभारी निदेशक डॉ.अर्चना सिंह ने संस्थान के मूलभूत दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। स्टेट और विकास पर केंद्रित 50 पेपर रहे जिनमें समाज के सशक्तिकरण का रास्ता बताया गया। समापन समारोह के मुख्य वक्ता पीपी साहू ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना में समाज,सरकार और बाजार का अहम योगदान होता है। विकसित भारत एक यात्रा है जिसमें बहुत कुछ नया और समय पर निर्भर है। इसमें सामाजिक विकास का अहम हिस्सा एजुकेशन,हेल्थ भी सैचुरेटेड होता है। संयोजक डॉ.सुभाष कुमार और डॉ. समांनता साहू ने दो दिवसीय कार्यशाला में कुल 24 समांतर सत्रों का सार प्रस्तुत किया।
वक्ता डॉ. स्वदेश सिंह ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के उभरते परिदृश्य पर अपने विचार रखे। इसके अलावा प्रो. सरदिंदु भादुड़ी, प्रो.मनमोहन कृष्ण, डॉ. नेहा शर्मा और प्रो. रुचि शर्मा ने भी अपनी राय रखी। इस मौके पर चन्द्रिया गोपानी, अबुंज, मानिकचंद एवं विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संवाद