श्रीराधे-राधे सेवा समिति की ओर से डीएवी इंटर कालेज मीरापुर मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर ने संगमनगरी की महिमा का गुणगान किया। श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला का मनोहारी वर्णन किया। जयकारों से कथा स्थल गूंजता रहा।
व्यासपीठ से उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आतंकवाद के विरुद्ध संगमनगरी से शुरू होने वाले अभियान में सभी की सहभागिता होनी चाहिए। इलाहाबाद का नाम फिर से प्रयाग कर दिया जाये, इसके लिए कथा के अंतिम दिन प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। सांस्कृतिक आतंकवाद को रोकने के लिए उन्होंने कान्वेंट के बजाए गुरुकुलम पद्धति के स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने की बात कही। संस्कृत भाषा को अपनाने का संकल्प कराया कहा संस्कृत दुनिया में सबसे प्राचीन एवं सभी भाषाओँ की जननी है। यह वैज्ञानिक भाषा है। इसके लिए हम सभी को अपनी आवाज उठानी होगी। कहा, शहर-शहर, गाँव-गाँव गुरुकुलम को बनाए जाए। जयकारों से कथा स्थल गूंजता रहा। इस अवसर पर कुलदीप सिंह,अंतरिक्ष शुक्ला, प्रमोद पुरवार, प्रेम केसरवानी, प्रमोद अरोड़ा, अनिल जैन, प्रकाश डालमिया, पवन तिवारी, विजय केसरवानी, विजय अरोड़ा आदि उपस्थित रहे।
श्रीपथरचट्टी रामलीला कमेटी एवं श्रीरामचरित मानस-सम्मेलन समिति की ओर से नौ दिन सुनिए रामकथा का आयोजन 16 दिसंबर से श्रीपथरचट्टी रामलीला प्रांगण, नवग्रह मंदिर परिसर में होगा। संयोजक लल्लूलाल गुप्ता के अनुसार उद्घाटन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि करेंगे। जाने-माने मानस मर्मज्ञ रामकथा सुनाएंगे। समापन 24 दिसंबर को होगा।