दबंगई करते फिरते हैं नशेड़ी
पुलिस भले ही हत्यारों को अब तक न पकड़ पाई हो लेकिन सूत्रों का यही कहना है कि सबसे ज्यादा शक के घेरे में नशेड़ी ही हैं। दरअसल नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोग बताते हैं कि ताड़बाग, नेहरू पार्क, गढ़वा, चाैफटका, झलवा, पीपलगांव, अबूबकरपुर, नीमसराय समेत तमाम मोहल्ले ऐसे हैं जहां शाम होते ही नशेड़ियों का जुटना शुरू हो जाता है। यह दबंगई करते फिरते हैं और जरा-जरा सी बात पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
दोस्त से चौथे दिन भी पूछताछ
उधर वारदात के बाद ही हिरासत में लिए गए मृतक के दोस्त सोहन पाल से चाैथे दिन भी पूछताछ जारी रही। नीवा निवासी सोहन पाल घटना का चश्मदीद है। बता दें कि 31 मई की रात बाइक छू जाने पर हुए विवाद को लेकर अबूबकर चौराहे पर रिटायर फौजी को उसके दोस्त के सामने मौत के घाट उतार दिया गया था।