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फाफामऊ-इलाहाबाद के बीच गंगा पर बनेगा छह लेन पुल

Thu, 07 Jun 2018 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दो ट्रैक के हिसाब से बनेगा नया मालवीय पुल - फोटो : अमर उजाला
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संगम नगरी को केंद्र सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। फाफामऊ और इलाहाबाद के बीच गंगा नदी पर छह लेन का पुल बनाया जाएगा। करीब 1949 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की कमेटी (सीसीईए) की हुई  बैठक में इस आशय का फैसला हुआ।
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बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 96 पर 9.9 किलोमीटर के पुल की इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इसे दिसंबर 2021 तक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बन जाने पर एनएच 96 पर इस समय उपयोग में आ रहे दो लेन के गंगा पुल पर वाहनों का दबाव कम होगा। इससे एनएच 27 के जरिये मध्य प्रदेश की तरफ से आकर लखनऊ और फैजाबाद जाने वाले वाहनों को भी आसानी होगी। इस पुल को बनाते समय 9.20 लाख मानव दिवस का रोजगार अवसर सृजित होगा।
खास बातें
तीन साल में पुल के निर्माण का रखा गया है लक्ष्य
लगभग दो हजार करोड़ खर्च होंगे पुल के निर्माण में
9.9 किमी लंबा होगा पुल, निर्माण की जिम्मेदारी लोनिवि को
एक फ्लाइओवर का भी होगा निर्माण, जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
9.20 लाख मानव दिवस के रोजगार अवसर का होगा सृजन

फाफामऊ में गंगा नदी पर बनने वाला यह पुल मलाक हरहर तिराहे से शहर में स्टैनली रोड पर लाला लाजपत राय रोड के पास बेली चौराहे पर खत्म होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि पुल के निर्माण के लिए 1400 करोड़ और जमीन अधिग्रहण सहित अन्य कार्य के लिए 600 करोड़ का धन आवंटित किया गया है। सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप इस पुल को 48 महीने में पूरा किया जाएगा।
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गंगा पर पुल की लंबाई 3.83 किमी होगी जबकि पुल के दोनों ओर 5.23 किमी की सड़क बनेगी। फाफामऊ और स्टैनली रोड गंगा कछार में बनने वाले पुल में फ्लाई ओवर भी शामिल है। फाफामऊ से द्रोपदी घाट के पास सीधे स्टैनली रोड गंगा कछार में पहुंचने पर पुल को लाजपत राय रोड चौराहे तक पहुंचाने के लिए बीच में नाले पर फ्लाई ओवर बनाया जाएगा। प्रस्तावित पुल के लिए प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि कछार की जमीन सरकारी होने के कारण इसके अधिग्रहण में प्रशासन को बहुत परेशानी नहीं हो रही। पुल के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पुल का डीपीआर तैयार करके प्रस्तुत करने के बाद केंद्र सरकार इसे कैबिनेट से मंजूरी दी है। इस पुल के काम का शुभारंभ सात फरवरी को ही केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द पुल का काम शुरू होगा।

मलाक हरहर तिराहा, जहां से गंगा सेतु प्रस्तावित है, वहां लगभग 840 मीटर लंबाई का एक फ्लाई ओवर बनेगा। इस फ्लाई ओवर के जरिए फैजाबाद और प्रतापगढ़ की ओर से आने वाले वाहन सीधे गंगा सेतु पर पहुंच जाएंगे। इससे फाफामऊ बाजार और चंद्रशेखर आजाद सेतु पर लगने वाले जाम से बचा जा सकेगा।
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