215 के बाद हो चुकी हैं 15 घटनाएं
2015 के बाद से अब तक सामूहिक हत्याओं की लगभग 15 घटनाएं हो चुकी हैं। सभी को धारदार हथियार या डंडे से पीटकर नृशंस तरीके से मारा गया था। तमाम परिवार बेहद गरीब थे जहां लूट करने पर कातिलों को हजार दो हजार से ज्यादा न मिलता फिर भी पूरे परिवार को मार दिया गया। गिरोह के लोग बच्चों को भी नहीं छोड़ते थे। सारी घटनाएं गंगापार के 25 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं।
शासन का सख्त निर्देश, निर्दोषों को न फंसाया जाए
शासन को इस बारे में जब रिपोर्ट भेजी गई तो स्पष्ट निर्देश दिया गया कि थरवई हत्याकांड का खुलासा सही हो चाहे जितनी देर लग जाय। इसके बाद लखनऊ से लगातार मानीटरिंग हो रही थी। शासन के नए निर्देशों के अब थरवई सामूहिक हत्याकांड की जांच एसआईटी करेगी। थरवई कांड से मिलती जुलती गोहरी कांड की घटना के लिए पहले ही एसआईटी गठित है। उसी एसआईटी को अब थरवई कांड की जांच में लगाया गया है।
शनिवार को एडीजी प्रेम प्रकाश, आईजी राकेश सिंह और एसएसपी अजय कुमार ने एसआईटी सदस्यों तथा अन्य राजपत्रित अधिकारियों के साथ मीटिंग की। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल एसआईटी का गोहरी और थरवई सामूहिक हत्याकांड के खुलासे पर काम करेगी। साथ ही अन्य घटनाओं की भी जांच शुरू करेगी। एसआईटी के साथ अन्य निरोधात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं ताकि ऐसी घटना अब दोबारा न हो। वह खुद पूरे जांच की मानिटरिंग कर रहे हैं।