भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन की रविवार को चौतरफा धूम मची रही। बहनों ने भाइयों की कलाई पर नेह की डोर बांधी। साथ ही रक्षा का वचन लिया। सामाजिक संगठनों ने अनाथालयों में बेसहारा बच्चों को राखी बांधी तो पुलिस के जवानों की कलाइयों पर भी बहनों ने राखियां सजाईं। लोगों ने पेड़ों को भी रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन पर घर-घर में नेह के धागे सजाए गए। बहनों ने थालियों में रोली, अक्षत, फूल सजाकर भाइयों के माथे पर तिलक लगाया। आरती उतारी। इसके बाद राखियां बांधी गईं। इस दौरान भाइयों ने बहनों को उपहारों के साथ उनकी रक्षा का संकल्प भी लिया। बहनों ने भाइयों की सलामती और तरक्की की कामना की। सुबह से ही बहनें सजधज कर भाइयों के घर पहुंचती रहीं। दूसरे शहरों, राज्यों में रहने वाले भाई भी इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए अपने घर पहुंचे। प्रेम के प्रतीक इस त्योहार पर घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए गए। मिठाइयों से मुंह मीठा कराया गया।
लायंस क्लब इलाहाबाद के सदस्यों ने मूक बधिर विद्यालय जॉर्ज टाउन में रहने वाले करीब 75 बच्चों के साथ राखी का त्योहार मनाया। सुबह नौ बजे ही क्लब के सदस्य अपने -अपने बच्चों के साथ विद्यालय पहुंचे। मूक -बधिर बच्चों की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई। उपहार भी दिया। इस मौके पर वो बच्चे बोल और सुन तो नहीं सकते थे, लेकिन उनकी आंखों में त्योहार की खुशी झलक रही थी। इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष लायन अजय जायसवाल, पीआरओ पंकज पाठक, सचिव मनीष कोहली, कोषाध्यक्ष शक्ति श्रीवास्तव, जगमोहन अग्रवाल, राधे मारवाह, पूजा कोहली, लायन पिंकी जायसवाल, वेद यादव उपस्थित थे।रक्तदाता राजीव मिश्रा ने अनाथ बच्चों से राखी बंधवाई।
संगमनगरी में इस बार ऑन लाइन राखियों की भी धूम मची रही। टेक्नालॉजी के इस दौर में दूसरे शहरों में नौकरी, पढ़ाई करने वाले भाइयों की कलाइयां सूनी न रह जाएं, इसलिए बहनों ने ऑन लाइन राखियां बांधी। इंटरनेट के जरिये ही भाइयों की आरती की गई और उनसे रक्षा का वचन भी लिया गया। इस दौरान तस्वीरों में ही सही, लेकिन वीडियो कॉलिंग के जरिए एक दूसरे को आमने - सामने देखकर भाई-बहनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। भाइयों ने भी ऑन लाइन उपहार बहनों को दिए।
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई की दुकानों पर मेले जैसा दृश्य रहा। सिविल लाइंस से लेकर कटरा चौक और सुलाकी चौराहा तक मिठाई के लिए भीड़ लगी रही। सिविल लाइंस में तो मिठाई के प्रतिष्ठानों पर लोग टोकन लेने के बाद अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दौरान मिठाई लेने के लिए धक्कामुक्की होती रही। रसगुल्ला, काजू कतली, पास्ता, रस मलाई, बर्फी के अलावा शुगर फ्री मिठाइयों की अधिक मांग थी। इस त्योहार पर मिठाई की मांग को देखते हुए मिष्ठान प्रतिष्ठानों की ओर से अलग से स्टाल लगाए गए थे।
मजहबी दूरियों और दीवारों को दरकिनार करते हुए रविवार को हिंदू बहन ने मुस्मिल भाई की कलाई पर राखी बांध पर मिसाल पेश की। रजनी हांडा ने सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अस्करी की कलाई पर राखी बांधी। भाई ने अपनी बहन को तोहफा के साथ सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने अल्लाह से अपनी बहन की हिफाजत फरमाने की दुआ की। साथ ही मुल्क में इसी तरहा अमन और सौहार्द के साथ हिंदू -मुस्लिम एकता कायम रखने की कामना की।