सीएम योगी द्वारा रक्षा बंधन के दिन महिलाओं को मुफ्त बस सफर की सौगात दिए जाने की वजह से सिविल लाइंस बस स्टेशन पर रविवार को अफरा तफरी मच गई। लखनऊ जाने वाली एक वॉल्वो बस में महिलाओं ने कब्जा कर लिया। जिन यात्रियों ने पूर्व में अपने एडवांस टिकट बस में करवा रखे थे उन्हें महिलाओं ने सीट देने से इंकार कर दिया। इस वजह से लखनऊ जाने वाली वॉल्वो तकरीबन एक घंटे लेट हो गई। दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार एलान किया था रक्षा बंधन के दिन सभी श्रेणियों की रोडवेज बसों में महिलाएं फ्री में सफर कर सकेंगी। यह व्यवस्था 25 अगस्त की रात 12 बजे से 26 अगस्त की रात 12 बजे तक के लिए रोडवेज ने लागू की। सुबह से ही इलाहाबाद से तमाम शहरों के लिए जाने वाली एसी बसों में महिलाओं की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे लखनऊ जाने वाली वॉल्वो बस आई तो उसमें काफी महिलाएं चढ़ गई। इस दौरान जिन यात्रियों ने वॉल्वो बस में एडवांस बुकिंग करा रखी थी जब वे पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें बैठने नहीं दिया।
प्रीतम नगर के दीपक शर्मा ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही बुकिंग करवाई थी, आज उन्हें महिलाओं ने बैठने नहीं दिया। उधर महिलाओं का कहना था कि योगी सरकार ने उन्हें फ्री में सफर करने का अवसर दिया है ऐसे में एडवांस टिकट का क्या औचित्य। इस बीच रोडवेज कर्मी भी महिलाओं को समझाने पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। इस आपाधापी में बस एक घंटा लेट हो गई। गनीमत रही कि संबंधित वॉल्वो में ऑन लाइन टिकट वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा नहीं थी। बाद में संबंधित यात्रियों को दूसरी एसी बस से लखनऊ भेजा गया। उधर फैजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर मार्ग पर चलने वाली एसी बसें भी भरी हुई गईं। सिविल लाइंस डिपो के एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि ऑन लाइन टिकट वाले यात्रियों को बाद में दूसरी बस में शिफ्ट किया गया।
फ्री में सफर की घोषणा का मुस्लिम महिलाओं ने भी फायदा उठाया। इलाहाबाद से विभिन्न स्थानों की ओर जाने वाली बसों में बुर्कानशीं महिलाओं की भी खूब भीड़ दिखी। रायबरेली जा रही नाजिया ने कहा कि सीएम के एलान के बारे मेें उन्हें जानकारी नहीं थी। इसी तरह गोपीगंज जा रहे करेली के मो. आवेश आलम भी अपने परिजनों के साथ बस में सवार हुए। उनके साथ उनकी पत्नी और दो बेटियां थी। उन्होंने बताया कि आज सीएम ने महिलाओं को फ्री का तोहफा दिया है। ऐसे में उन्हें सिर्फ अपना ही टिकट लेना होगा।
इलाहाबाद से लखनऊ जाने वाली जनरथ बस का पहला स्टॉप ऊंचाहार में है। इसके बाद रायबरेली में ही जनरथ बस रुकती है। इस वजह से इन बसों में ऊंचाहार, रायबरेली और लखनऊ का ही टिकट मिलता है। रविवार को फ्री में सफर करने की चाह में तमाम महिलाएं जनरथ बसों में बैठ गईं, जबकि उन्हें नवाबगंज, लालगोपालगंज, कुंडा तक ही जाना था। मजबूरी में ड्राइवर को संबंधित स्थानों पर बस रोककर महिलाओं को उतारना पड़ा। इसी तरह कानपुर जाने वाली बसों में मूरतगंज, कोखराज, खागा जाने वाली महिलाएं बैठ गईं। इन बसों को भी मजबूरी में वहां रोकना पड़ा।