हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर रोक के तीसरे रोज भी शहर की सड़कों पर आम दिनों के मुकाबले बेहद कम ट्रैफिक रहा। यातायात की बेहद कमी के चलते कुछ सड़कों पर तो सन्नाटा जैसा रहा। ऐसे में ट्रैफिक और थानों की पुलिस को भी सड़क से ज्यादा बैंकों पर तैनात किया गया था। बैंकों में भीड़ को संभालने के लिए तमाम दरोगा और थानेदारों के साथ सीओ और दूसरे अधिकारी भी मशक्कत करते रहे।
बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद मची अफरातफरी को देखते हुए शासन स्तर से आदेश जारी किया गया था कि बृहस्पतिवार को बैंकों में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उम्मीद के मुताबिक गुरूवार सुबह से ही बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी जिसे संभालने के लिए पुलिस को जूझना पड़ा।
दरोगा-सिपाहियों ने नोट बदलने के लिए आए लोगों को लाइन में लगाया। बैंकों में शांति-व्यवस्था के लिए थानेदार और सीओ भी मुस्तैद रहे। खुद एसएसपी शलभ माथुर ने पुलिस बल के साथ कई बैंकों का निरीक्षण किया और प्रबंधकों से बात की। एसएसपी ने बैकों में ग्राहकों को भी संयम बनाए रखने की हिदायत दी। बड़े नोटों पर रोक के चलते ज्यादातर लोग पैसों की किल्लत से घर से नहीं निकले तो सड़कों पर न जाम लगा न ट्रैफिक संचालन की जरूरत पड़ी। ऐसे में पुलिस ने सारा ध्यान बैंकों पर दिया। कई बैंकों में हंगामा होने पर शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।