नामांकन के पांचवें दिन शुक्रवार को कलक्ट्रेट कचहरी के आसपास चुनावी नजारा दिखा। पिछले चार दिन से पसरा सन्नाटा टूटा तो सियासी माहौल में अचानक हलचल तेज हो गई। कलक्ट्रेट की ओर जाने वाली हर सड़क पर भीड़ और वाहनों की भरमार से जाम लगा रहा। प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में जुटे उनके समर्थक और जिंदाबाद के नारों के बीच माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। नामांकन के लिए जाने वाले प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की भीड़ रही जमकर धक्का-मुक्की हुई।
जिला प्रशासन ने मनमोहन पार्क चौराहा, आनंद हॉस्पिटल चौराहा, मिशन रोड क्रासिंग, जगराम चौराहा, लक्ष्मी चौराहा, कचहरी पोस्ट ऑफिस से कलक्ट्रेट और तहसील सदर की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बैरियर लगा रखे हैं। इन मार्गों पर चार पहिया वाहनों को प्रवेश पर प्रतिबंध है, लेकिन प्रत्याशियों के बड़ी संख्या संख्या में समर्थक शुक्रवार को दोपहिया वाहन से पहुंच गए। सुबह 10 से साढ़े तीन बजे तक कलक्ट्रेट की तरफ आने वाली सड़क के किनारे इन वाहनों की कतार लगी रही, जबकि टैक्सी स्टैंड चौैराहा से कलक्ट्रेट के दोनों गेट और वहां से एसएसपी कार्यालय सड़क प्रत्याशियों के समर्थकों से पटी रही।
इस बीच प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट और सदर तहसील के गेट पर पहुंचा। जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया और प्रत्याशी के साथ सिर्फ पांच लोगों को भीतर जाने की अनुमति दी। इसे लेकर समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह स्थिति दोपहर तीन बजे तक बनी रही। उधर, भाजपा की सभा के कारण तीन बजे नामांकन खत्म होने के करीब एक घंटे बाद तक कलक्ट्रेट के आसपास चुनावी माहौल बना रहा।
नामांकन के दौरान भीड़ के कारण मनमोहन पार्क चौराहा पर जाम की गंभीर समस्या रही। इसके साथ हाथी पार्क चौराहा, लोक सेवा आयोग चौराहा बालसन चौराहा पर भी जाम की समस्या खड़ी हो गई। दोपहर एक बजे स्कूल छूटने के बाद यहां स्थिति और खराब हो गई। ट्राली, वैन, बसों में बैठे स्कूली बच्चे काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर दिन में तीन बजे के बाद एक व्यक्ति तीन-चार समर्थकों के साथ पहुंचा। सिर पर मुकुट, शरीर पर रंगबिरंगी पोशाक और हाथ में धनुष लिए यह व्यक्ति अचानक गेट पर मौजूद अफसरों के पास पहुंचा। उसने अपना नाम रामेश्वर प्रसाद शुक्ला और शिव सेना का कार्यकर्ता बताया। कहा कि करछना विधानसभा से नामांकन करना है। बिना नामांकन पत्र के पहुंचे इस व्यक्ति को वहां मौजूद अफसरों के निर्देश पर पुलिस वालों ने गेट से दूर हटाया।