जिन व्यापारियों के पास डिजिटल सिग्नेचर नहीं है, वह जीएसटी में कारोबार नहीं कर सकेंगे, क्योंकि इसके बिना न जीएसटी में रजिस्ट्रेशन होगा और न ही रिटर्न दाखिल होगा। इससे जुड़े अन्य काम भी बिना डिजिटल सिग्नेचर के संभव नहीं होगा। सरकार की ओर से डिजिटल सिग्नेचर जारी करने के लिए अधिकृत एजेंसी और प्रोफेशनल्स इसके लिए तय शुल्क से काफी अधिक वसूल रहे हैं। व्यापारियों को इनके पास जाना पड़ता है और सिग्नेचर जारी होने में भी वक्त लग रहा है। ऐसे में सरकार ने व्यापारियों को आधार कार्ड के जरिए डिजिटल सिग्नेचर जारी करने की सुविधा दी है। इसके तहत आधार नंबर, पैन के साथ अन्य औपचारिकताएं पूरी कर आवेदन करने पर फोन से सत्यापन होने के तत्काल बाद डिजिटल सिग्नेचर जारी करने की व्यवस्था है।
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल बंद है लेकिन काफी व्यापारी ऐसे भी हैं जिनका अब तक डिजिटल सिग्नेचर नहीं बना है। इसके लिए कई एजेंसियां और उन प्रोफेशनल्स को अधिकृत किया गया है, जिनके पास बायोमेट्रिक मशीन है। व्यापारी इसके लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें सेंटर पर जाना होता है, जहां आवेदन पत्र के साथ उनका बायोमेट्रिक होता है। शुल्क जमा करने के बाद डिजिटल सिग्नेचर जारी होने में कई दिन लग जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए आधार कार्ड की सुविधा दी गई क्योंकि कार्ड भी डिजिटल सिग्नेचर होता है।
पवन जायसवाल एंड एसोसिएट्स के मृत्युंजय कुमार का कहना है कि व्यापारी आधार नंबर, पैन के साथ आवेदन कर सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से आधार पर हुए सिग्नेचर का सत्यापन हो जाता। इसके बाद फोन पर संपर्क कर व्यापारी से सत्यापन करने के तत्काल बाद डिजिटल सिग्नेचर जारी हो जाता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा आधार कार्ड के जरिए डिजिटल सिग्नेचर जारी होने से व्यापारियों को काफी सुविधा होगी क्योंकि इसके लिए उन्हें आवेदन के समय एजेंसी जाने की आवश्यकता नहीं होगी और तत्काल सिग्नेचर भी मिल सकेगा।