श्री बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि का स्वागत करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
पीडीए के वीसी ने बताया कि पहले चरण का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बाढ़ का पानी यहां तक आता है, इसलिए उससे पहले कई कार्य पूरे कराएं जाएंगे। बचे हुए कार्य महाकुंभ मेले के बाद किए जाएंगे। मंदिर में प्रवेश अक्षयवट मार्ग से होगा। भीड़ नियंत्रण के लिए घुमावदार व्यवस्था की गई है। इसके ऊपर छावनी रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं को धूप में परेशानी नहीं होगी। इसके निर्माण पर 38.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
महंत बलवीर गिरि ने बताया कि काॅरिडोर बनने से श्रद्धालुओं और बेहतर सुविधा मिलेगी। उनकी सहमति से निर्माण होगा। पीडीए निर्माण कराएंगी और मरम्मत कार्य देखेगी। पूजा-पाठ में विभाग का कोई दखल नहीं होगा। इस माैके पर अपर मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद, विवेक शुक्ला, पीडीए के जोनल अधिकारी आलोक पांडेय और संजीव उपाध्याय मौजूद रहे।
श्री बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि का स्वागत करते अधिकारी।
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क्या बनेगा काॅरिडोर
काॅरिडोर के छह गेट बनाए जाएंगे। प्रवेश द्वार अक्षयवट मार्ग से और दो निकास शंकर विमान मंडपम के निकट होगा। इसके अलावा तीन गेट पूर्व दिशा में होंगे। पीडीए के चीफ इंजीनियर आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि चहारदीवारी, शाैचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, फुटपाथ, रोड, इंटरलाकिंग, बेंच, 40 दुकानें, पार्किंग, निकास द्वार की सीढि़यां और पुजारी ब्लाॅक का निर्माण हाेगा। मुख्य मंदिर 535 वर्ग मीटर में बनेगा। काॅरिडोर एरिया 2184 वर्गमीटर का, क्यू एरिया 624 वर्गमीटर का, ओपन एरिया 6176 वर्ग का, काॅरिडोर रोड एरिया 1310 वर्ग मीटर का होगा। वहीं सीढि़यां 760 वर्गमीटर में बनेगी।