शूटरों को शाइस्ता ने ही पहुंचाएं थे पैसे
हत्या के बाद असद समेत सारे शूटर शाइस्ता के पास पहुंचे थे। वहीं पर सभी को पैसे दिए गए। इसके बाद सब वहां से भागे। इसके बाद शूटरों के परिवार वालों को भी शाइस्ता ने ही पैसे पहुंचवाए थे। उमेश हत्याकांड में नामजद होने के बाद शाइस्ता ने ही कैश अहमद, राकेश लाला तथा अन्य नौकरों को एक करोड़ से अधिकर रुपये और असलहे दिए थे। इसी में 74 लाख रुपये अतीक के कार्यालय और रेकी करने वालों से मिले थे। पुलिस ने पांच असलहे भी बरामद किए थे। शाइस्ता ही पूरा गिरोह संभाल रही थी। जब शूटर हत्या के लिए चकिया से चले तो शाइस्ता ने कहा था कि ‘इंशाअल्लाह हम जरूर कामयाब होंगे’।
पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार की
शाइस्ता की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। दिन बीतने के साथ ही हत्याकांड में शाइस्ता की भूमिका और स्पष्ट होती जा रही थी। पुलिस ने शुक्रवार की रात शाइस्ता पर इनाम की राशि बढ़ाते हुए 50 हजार कर दी। इसके बाद शाइस्ता की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस को जानकारी है कि शाइस्ता कहीं बाहर नहीं गई है। नकाब का सहारा लेते हुए वह प्रयागराज और कौशांबी में ही है। वह लगातार ठिकाने बदल रही है। शनिवार को चकिया, राजरूपपुर, मरियाडीह, असरौली, हटवा, हरवारा और करेली के साथ पुलिस ने धूमनगंज और पूरामुफ्ती के कछारी इलाकों में भी शाइस्ता की तलाश की।
अतीक के घर पर मिला पोस्टर ‘रात कितनी भी काली हो, सवेरा जरूर होगा’
अतीक अहमद के चकिया स्थित ध्वस्त घर की एक दीवार पर किसी ने एक पोस्टर लगाया है। इसमें लिखा है कि ‘रात कितनी भी काली हो, सवेरा जरूर होगा’। पोस्टर में अतीक की दो तस्वीरें लगी हैं। रात में पोस्टर लगा देख पुलिस ने जांच पड़ताल की। पोस्टर हटा दिया गया। आसपास के लोगों का कहना है कि अतीक के लोगों ने इस पोस्टर से संदेश देने की कोशिश की है कि बाद में सब ठीक हो जाएगा।