अब दो वर्ष के प्रयास के बाद उनका एसडीएम पद के लिए चयन हुआ है। यह इनका दूसरा प्रयास था। आलोक ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सर्विसेज-2022 मुख्य परीक्षा में भी सफलता हासिल की है और एक मई का उनका साक्षात्कार है। आलोक शनिवार को शंकरगढ़ स्थित घर पर रहे, लेकिन साक्षात्कार की तैयारी के लिए वह एक-दो दिन में दिल्ली चले जाएंगे। आलोक का कहना है कि सफलता का कोई शार्टकट फॉर्मूला नहीं है। लक्ष्य बनाने के साथ सही दिशा में सतत प्रयास से सफलता जरूर हासिल होती है।
आलोक का कहना है कि माता-पिता के अलावा स्कूलों से उन्हें हमेशा प्रेेरणा मिलती ही। यही वजह रही कि एसडीएम पद पर चयन के अगले दिन ही आलोक रानी रेवती देवी स्कूल पहुंचे और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। साथ ही छात्रों को प्रेरित किया। आलोक की माता गृहिणी हैं। छोटी बहन बंगलुरु में नौकरी करती हैं। वहीं बड़ी बहन ने बीएचयू से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की है।
स्कूल में हुआ स्वागत
रानी रेेवती देवी स्कूल में आलोक का स्वागत किया गया। आलोक के अचानक स्कूल पहुंचने पर उत्साह का माहौल बन गया। आलोक ने छात्राें संघ अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मेहनत से घबराएं नहीं। स्कूल की हर गतिविधि में प्रतिभाग करें। इससे मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि आपको जब भी जरूरत होगी विद्यालय में उपस्थित हो जाऊंगा। प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय ने विद्यार्थियों से आलोक सिंह से प्रेरणा लेने की बात कही। आलोक की सफलता के बाद शंकरगढ़ के कोहड़िया गांव स्थित घर पर भी जश्न का माहौल रहा। बधाई देने वालों के आने-जाने का क्रम लगातार जारी रहा।