पुलिस की गिरफ्त में आए वाहन चोर के चार शातिर बदमाश
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असम से दिल्ली बेचने के लिए ले जाई जा रहीं दो बच्चियां चाइल्ड लाइन की सतर्कता से बच गईं। टीम ने न सिर्फ बच्चियों को बचाया बल्कि आरोपी महिला को भी आरपीएफ के हवाले कर दिया। सूचना पर बच्चियों का पिता वाराणसी से शहर आने के लिए चल दिया है। चाइल्ड लाइन के अजीत सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर में सूचना मिली कि दिल्ली जा रही नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस से एक महिला 11 साल की बच्ची को बेचने के लिए दिल्ली जा रही है। इस पर टीम ने ट्रेन के जंक्शन पहुंचने पर छानबीन शुरू की। इस दौरान एक कोच में एक महिला के साथ दो बच्चियां मिलीं।
पूछताछ की गई तो महिला हड़बड़ा गई। उधर बच्चियों ने बताया कि वह दोनों सगी बहनें हैं और असम के तिलसुनिया की रहने वाली हैं। वहां वह अपनी मां के साथ रहती हैं, जबकि उनका पिता काम के सिलसिले में वाराणसी में रहता है। बताया कि महिला उन्हें काम दिलाने की बात कहकर अपने साथ घर से ले आई थी।
पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम अमृता राय बताया। बताया कि वह घरेलू काम दिलाने के लिए दोनों बच्चियों को ले जा रही थी। चाइल्ड लाइन टीम आरोपी महिला को आरपीएफ के हवाले करते हुए दोनों बच्चियों को अपने कार्यालय ले गई। चाइल्ड लाइन अफसरों ने बताया कि बच्चियों के पिता को सूचना दे दी गई है, जिस पर वह यहां आने के लिए चल दिया है। बच्चियों को दिल्ली ले जाए जाने की बाबत उसने किसी भी जानकारी से इंकार किया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि जीआरपी देर शाम ऐसी किसी घटना की जानकारी से ही इंकार करती रही। जीआरपी इंस्पेक्टर रघुबीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले की जानकारी से इंकार किया।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है महिला
चाइल्ड लाइन अफसरों की मानें तो आरोपी महिला पहले भी मानव तस्करी के आरोप में पकड़ी जा चुकी है। पिछले साल छिवकी स्टेशन पर उसे 50 बच्चों के साथ पकड़ा गया था। हालांकि, तब वह मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गई थी।