सनी के खिलाफ अतीक-अशरफ हत्याकांड को लेकर 19 मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार हमीरपुर जेल गया था जहां उसकी मुलाकात लवलेश तिवारी से हुई थी। उसने लवलेश को प्लान के बारे में बताया। फिर कासगंज के रहने वाले अपने दोस्त अरुण मौर्य को भी शामिल कर लिया। सनी ने सब्जबाग दिखाया कि अतीक और अशरफ को वे कैमरे के सामने मारेंगे। पूरा प्रदेश उनके नाम से कांपेगा। वे जिससे चाहेंगे, पैसे मांगेगे। दहशत के कारण लोगों को पैसे देने पड़ेंगे।
लवलेश और अरुण को भी लगा कि इस कांड से वे पूरे देश में मशहूर हो जाएंगे। तीनों ने यह भी प्लान बनाया कि अतीक और अशरफ को मारने के बाद असद को भी मार दिया जाएगा क्योंकि उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के बाद असद सुर्खियों में था। अखबारों और चैनलों पर यह बताया जा रहा था कि अतीक की आपराधिक विरासत असद ही संभालेगा।
पुलिस ने असद और गुलाम को झांसी में मुठभेड़ में मार गिराया। अतीक और अशरफ को पुलिस कस्टडी रिमांड पर जब प्रयागराज लाया गया, उसी के बाद से ही उन्हें मारने की तैयारी तीनों ने कर ली थी। 15 अप्रैल को तीनों मीडिया के सामने ही अतीक और अशरफ को गोलियों से भून दिया।