मामले की विवेचना एसआईटी को दी गई। अपर पुलिस उपायुक्त सतीश चंद्र, सहायक पुलिस आयुक्त सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने जांच शुरू की। जिस तरह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, उसे लेकर पुलिस महकमे से लेकर आम जनमानस में यही चर्चा थी कि इसे बहुत बड़े षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया है। कम उम्र के इन तीन लड़कों की इतनी कूवत नहीं थी कि वे इसे अंजाम दे पाते। एक थ्योरी यह भी चल रही थी कि तीनों सुपारी किलर हैं। सुपारी लेकर उन्होंने अतीक और अशरफ की हत्या की है।
हत्या में तुर्किये की जिगाना पिस्टलों का प्रयोग किया गया था। यह तुर्किये की पुलिस प्रयोग में लाती है। पिस्टल का दाम ही पांच से सात लाख रुपये है। कातिलों ने फर्जी आधार कार्ड भी बनवाए। तीनों बेहद सामान्य परिवारों से हैं। लवलेश और अरुण का कोई खास आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है। ये सारी बातें इशारा कर रहीं थी कि इस कांड के पीछे बहुत बड़ा षड्यंत्र है।
हालांकि एसआईटी ने अपनी जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया। चार्जशीट दाखिल की गई तो षड्यंत्र और सुपारी किलिंग की बात को सिरे से नकार दिया गया। बताया गया कि इस घटना के पीछे सिर्फ और सिर्फ सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य हैंं। न तो किसी ने उनकी मदद की न ही किसी ने उन्हें सुपारी दी। दो जिगाना पिस्टल का भी इंतजाम सनी ने ही किया था।
सनी के पास कहां से आए इतने रुपये
तुर्किये की जिगाना पिस्टल का दाम पांच से सात लाख रुपये के बीच है। सनी पैसे का प्रबंध कैसे किया। इसका उत्तर चार्जशीट में नहीं है। हमीरपुर का रहने वाला सनी बेहद सामान्य घर का है। चार्जशीट के मुताबिक उसने दो साल पहले यानी 2021 में ही दिल्ली में गैंगस्टर जीतेंद्र गोगी से जिगाना पिस्टल ली थी।
गैंगस्टर जीतेंद्र गोगी की भी हो चुकी है हत्या, जिगाना का राज दफन
पुलिस के मुताबिक सनी सिंह ने बयान दिया है कि उसने यह पिस्टल 2021 में दिल्ली के गैंगस्टर जीतेंद्र गोगी से लिया था। जीतेंद्र गोगी की हत्या हो चुकी है। यानी जिगाना पिस्टल का राज अब दफन हो चुका है। सनी के बयान को ही तब तक सही माना जाएगा जब तक कि वह कोई दूसरा बयान नहीं दे देता।
सनी और लवलेश ने जिगाना तो अरुण ने किया था सामान्य पिस्टल से फायर
हत्या के लिए सनी, लवलेश और अरुण मीडियाकर्मी बनकर अस्पताल गेट पर खड़े हो गए थे। अतीक और अशरफ जैसे ही अस्पताल गेट में घुसे, सनी और लवलेश ने जिगाना से फायरिंग शुरू कर दी। अरुण ने सिर्फ दो फायर किए थे। तीसरी गोली पिस्टल में ही फंस गई थी।
आरोपियों से आधा दर्जन बार अलग-अलग लिए गए बयान
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक तीनों आरोपी बेहद शातिर हैं। पुलिस के अधिकारियों ने आधा दर्जन बार उनसे अलग-अलग बयान लिए। लेकिन उनका जवाब हर बार वही होता। तीनों से पुलिस के अलग अलग स्तर के कई अधिकारियों ने बयान लिए। पूछताछ की लेकिन जवाब रटा रटाया ही मिला।
छेड़खानी के मुकदमे में जेल जा चुका है लवलेश
बांदा के बबेरू का रहने वाले यज्ञ नारायण तिवारी का बेटा लवलेश तिवारी छेड़खानी में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ अवैध शराब, मारपीट और आईटी एक्ट के तहत भी मुकदमे हैं। लवलेश की उम्र महज 22 साल की है। हमीरपुर जेल में उसकी मुलाकात सनी सिंह से हुई थी।
पहली हत्या वह भी अतीक अहमद का
कासगंज का रहने वाला अरुण मौर्य सनी सिंह का दोस्त है। बस उसकी यही पहचान थी। पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन उसके खिलाफ कोई भी आपराधिक मुकदमा नहीं मिला। उसने पहला कत्ल किया। वह भी अतीक अहमद और अशरफ का। अरुण की उम्र लगभग 20 साल की है।
सनी पर दर्ज हैं 19 मामले, कम उम्र में बना हिस्ट्रीशीटर
हमीरपुर का मोहित उर्फ सनी सिंह को ही चार्जशीट में मास्टरमाइंड बताया गया है। अतीक-अशरफ हत्याकांड से पहले उस पर 18 मामले दर्ज थे। 23 साल की उम्र में ही वह थाने का हिस्ट्रीशीटर बना गया था।