मेजा इलाके में लगातार दूसरे रोज पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी रचाने की कोशिश का मामला सामने आया है। समोगरा गांव में शादी रचाने पहुंचे दूल्हे की पोल उसके ससुर ने आकर खोली तो दुल्हन के परिजनों ने उसे बंधक बना लिया। खबर पाकर पहुंची मेजा थाने की पुलिस ने दूल्हे को उसके घरवालों समेत हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया। देर रात तक दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश की जा रही थी।
समोगरा गांव निवासी रामसागर सरोज ने अपनी बेटी का ब्याह जसवर पहाड़ी कोतवाली देहात मिर्जापुर में रहने वाले पप्पू सरोज के साथ तय की थी। मंगलवार को दिन में शादी होनी थी। पप्पू पहले से विवाहित होते हुए यह बात छिपाकर दूसरी शादी के फेर में था। उसका ब्याह सात साल पहले मेजा के नेवढ़िया में सजैला मजरा निवासी नेब्बूलाल भारतीय की बेटी से हो चुका है। समोगरा गांव के दुल्हन पक्ष का एक व्यक्ति नेब्बूलाल की बेटी की शादी में शामिल हुआ था। उसने ही नेब्बूलाल को बताया कि उसे समोगरा गांव में दुल्हन के घर से जो कार्ड मिला है उसमें तो उनके दामाद पप्पू का नाम दूल्हे में लिखा है।
इस पर नेब्बूलाल सन्न रह गए। मंगलवार दोपहर पप्पू बारात लेकर समोगरा आया तो वह भी कई लोगों के साथ पहुंच गए। जलपान के बाद द्वारचार होने लगा तो नेब्बूलाल ने दूल्हा बने पप्पू को पकड़ा और सबके सामने कहा कि घर में पत्नी बैठी है और वह दूसरा ब्याह रचाने आ गया।
यह जानकर दुल्हन के घरवाले सकते में रह गए। उन्होंने दूल्हे पप्पू को उसके पिता समेत परिजनों के साथ बंधक बना लिया। इसी बीच यह जानकारी मेजा थाने की पुलिस को मिली तो थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने दूल्हे पप्पू और उसके परिजनों को थाने लाकर हवालात में डाल दिया। सरोज ने पुलिस से कहा कि सात साल बाद भी उसकी पत्नी को औलाद नहीं हुई इसलिए वह दूसरा ब्याह कर रहा है। उधर, दुल्हन के घरवालों ने कहा कि उन्हें शादी का पूरा खर्च दिलाया जाए। पुलिस दोनों पक्षों में समझौता कराने में लगी थी।