दुधवा टाइगर रिजर्व से पहुंची टीम, आज से फिर शुरू होगा अभियान, एक सप्ताह से नहीं दिखाई दी बाघिन
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में 26 कैमरे लगे होने के बावजूद करीब एक सप्ताह से बाघिन की एक बार भी झलक तक नहीं दिखाई दी है। शनिवार शाम दुधवा टाइगर रिजर्व से पहुंची विशेषज्ञों की टीम सोमवार से फिर बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करेगी। विशेषज्ञों ने सोमवार को बगैर फ्लैश वाले 16 और कैमरे लगाने का निर्णय लिया है ताकि बाघिन को ट्रेस करने में मदद मिल सके।
करीब एक सप्ताह से बाघिन का रबर फैक्टरी में कहीं भी पता न लगने से वन विभाग के अफसर परेशान हैं। दुधवा से डॉ. दयाशंकर के अगुवाई में पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने रविवार को फैक्टरी में लगे सभी कैमरे चेक किए मगर किसी में बाघिन नहीं दिखी। टीम ने अब रबर फैक्टरी के जंगल में 16 और कैमरे लगाने का फैसला लिया है। हालांकि ये कैमरे रविवार को ही लगाने की योजना थी लेकिन उनके बॉक्स नहीं होने की वजह उन्हें नहीं लगाया जा सका। विशेषज्ञों ने वन विभाग अफसरों को बॉक्स बनाने के निर्देश दिए है।
रबर फैक्टरी के जंगल में कई महीनों से मौजूद बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग के अलावा पीटीआर और दुधवा के तमाम विशेषज्ञ कोशिश कर चुके हैं लेकिन चालाक बाघिन अब तक उन्हें गच्चा देती आ रही है। करीब 20 दिन पहले तालाब के पास बांधे कई पड्डों का बाघिन ने शिकार किया था जिसके बाद अलार्म कैमरे के साथ जमीन में कैच लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन खतरा भांपने के बाद बाघिन इस इलाके आई ही नहीं लिहाजा विशेषज्ञों को मायूस होकर लौटना पड़ा। अब बारिश की वजह से भी अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है।
नहीं पहुंची एनटीसीए की टीम
12 जुलाई को दिल्ली नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के डीआईजी निशांत वर्मा ने रबर फैक्टरी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों की एक टीम भेजने का आश्वासन मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा को दिया था लेकिन एक सप्ताह के बाद भी टीम नहीं पहुंची।