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Schizophrenia : मोबाइल की लत पड़ी भारी, एक अभिनेत्री से कर बैठा प्यार, दूसरा निभा रहा वेब सीरीज का किरदार,

Wed, 17 Jul 2024 03:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

धूमनगंज निवासी 17 वर्षीय किशोर को एक वेब सीरीज इतनी पसंद आई कि वह उसी में खुद को ढालने लगा। दबंगई पर बनी वेब सीरीज के किरदारों को उसने खुद के जीवन में ढाल लिया। किशोर हमेशा दबंगई के किरदार की भूमिका अदा करने लगता।
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अवसाद। - फोटो : freepik
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विस्तार
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प्रयागराज में सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से दो छात्र काल्पनिक दुनिया में जीने लगे हैं। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित 11वीं का छात्र अभिनेत्री से प्यार कर बैठा है। वहीं, ओसीडी से ग्रसित नौवीं का छात्र वेब सीरीज के किरदारों को निभा रहा है। पेश है पुनीत त्रिपाठी की रिपोर्ट...

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सिजोफ्रेनिया पीड़ित तीन बार घर से पैसे चोरी करके मुंबई गया

केस-1 - सोहबतियाबाग निवासी 19 वर्षीय छात्र को टीवी सीरियल की एक अभिनेत्री से प्यार हो गया। इसके बाद वह उसे सोशल मीडिया पर फॉलो करना शुरू कर दिया। उसके के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप भी बना लिया। परिजनों के मुताबिक छात्र काल्पनिक दुनिया में इस कदर डूबा कि तीन बार घर से पैसे चोरी करके मुंबई गया। लौटने पर पूछा गया तो बोला कि एक अभिनेत्री उससे शादी करना चाहती है। इसीलिए उससे मिलने मुंबई गया था। पढ़ाई-लिखाई सब छोड़कर पूरे दिन मोबाइल लेकर बैठा रहता था। इन्हीं हरकतों से चिंतित घरवाले 15 दिन पहले उसे कॉल्विन अस्पताल के मन कक्ष लेकर पहुंचे। यहां काउंसलिंग की गई तो पता चला कि वह सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है। फिलहाल, उसका इलाज चल रहा है। वहीं, घरवालों के मुताबिक 10वीं तक इसका रवैया सामान्य था, लेकिन 11वीं में आते ही टीवी और मोबाइल एक ही सीरियल ज्यादा देखने लगा था। टोकने पर लड़ने लगता था।

केस-2 - धूमनगंज निवासी 17 वर्षीय किशोर को एक वेब सीरीज इतनी पसंद आई कि वह उसी में खुद को ढालने लगा। दबंगई पर बनी वेब सीरीज के किरदारों को उसने खुद के जीवन में ढाल लिया। किशोर हमेशा दबंगई के किरदार की भूमिका अदा करने लगता। इतना ही नहीं, हमेशा उसके पैंट में खिलौने वाली पिस्टल लगी रहती। वह प्रतिदिन इस वेब सीरीज को देखने लगा था। हद तो तब हो गई, जब वह घर से रुपये चुराकर वेब सीरीज की शूटिंग वाली लोकेशन पर जाने लगा। यह सिलसिला करीब एक साल तक चला। करीब 20 दिन पहले परिजन उसे मन कक्ष लेकर पहुंचे। जहां काउंसलिंग की गई तो पता चला कि वह ओसीडी का शिकार है। परिजनों के मुताबिक किशोर कक्षा आठ तक सही था, नौवीं जाते ही यह पढ़ाई से ज्यादा समय मोबाइल पर देने लगा था। घर से लेकर स्कूल तक वेब सीरीज के किरदारों की एक्टिंग करने लगा।
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क्या है सिजोफ्रेनिया

सिज़ोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है। यह लोगों के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। इसमें मतिभ्रम, भ्रम, अव्यवस्थित सोच और व्यवहार का मिश्रण हो सकता है। मतिभ्रम में ऐसी चीजें देखना या आवाज़ें सुनना शामिल हैं, जो दूसरे नहीं देख सकते।

ओसीडी

ओसीडी में जुनून अवांछित, घुसपैठ करने वाले विचार या मानसिक छवियां हैं, जो तीव्र चिंता का कारण बनती हैं। ओसीडी वाले लोग इन विचारों को नियंत्रित नहीं कर सकते। ओसीडी वाले अधिकांश लोगों को अहसास होता है कि ये विचार अतार्किक या तर्कहीन हैं।

दोनों ही छात्रों का इलाज मन कक्ष में चल रहा है, जिसे ठीक होने में थोड़ा वक्त लगेगा। माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों से एक दोस्त की तरह बात करें और उनके मन की बातें जानें। क्योंकि,इस प्रकार की काल्पनिक दुनिया अकेलेपन के कारण बनती हैं।  -डॉ. राकेश पासवान, मनोचिकित्सक परामर्शदाता, कॉल्विन, प्रयागराज

सोशल मीडिया कनेक्शन की भावना प्रदान कर सकता है, यह अकेलेपन की भावना को भी बढ़ा सकता है। किशोर अपने साथियों की गतिविधियों में भाग लिए बिना आदर्श ऑनलाइन व्यक्तित्व प्रस्तुत करने के दबाव में संघर्ष करते हैं। - डॉ.ईशान्या राज, मनोवैज्ञानिक, कॉल्विन अस्पताल, प्रयागराज
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