इलाहाबाद (ब्यूरो)। सावन मास में वाराणसी जाने एवं वहां से इलाहाबाद आने वाले मुसाफिरों से रोडवेज ज्यादा किराया वसूलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सावन भर इलाहाबाद से वाराणसी के बीच जिला प्रशासन की ओर से रूट डायवर्जन किया जा रहा है। एक अगस्त से 29 अगस्त के बीच वाराणसी जाने वाली बसें झूंसी की बजाय फाफामऊ, सहसों होकर चलेंगी। इसके अलावा रोडवेज ने सावन मास में हर दस मिनट में वाराणसी के लिए बस चलाने की भी तैयारी की है।
सावन मास में इलाहाबाद से वाराणसी जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। इस दौरान इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर कांवड़ियों की भी खासी भीड़ हो जाती है। इस वजह से जिला प्रशासन शास्त्री ब्रिज पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर देता है। रोडवेज की बसें भी इस अवधि में गंगा पर बने शास्त्री ब्रिज से होकर वाराणसी नहीं जा पातीं। सभी बसें बदले हुए मार्ग इलाहाबाद से चंद्रशेखर आजाद ब्रिज से फाफामऊ, सहसों होकर वाराणसी के लिए प्रस्थान करती हैं। बदले हुए मार्ग से जाने के चलते इलाहाबाद से वाराणसी की दूरी भी बढ़ जाती है।
बढ़ी हुई दूरी की वजह से रोडवेज भी यात्रियों से ज्यादा किराया वसूलता है। वर्तमान समय इलाहाबाद से वाराणसी की 126 किलोमीटर की दूरी के लिए रोडवेज प्रति यात्री 111 रुपये किराया वसूलता है। एक अगस्त से सावन मास शुरू हो जाने के बाद बसें बदले हुए रूट से चलेंगी तो रोडवेज प्रति यात्री आठ से दस रुपये का ज्यादा किराया वसूलेगा। इसके अलावा यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज वाराणसी जाने वाली बसों के फेरे में भी वृद्धि करने पर विचार कर रहा है। अभी वाराणसी के लिए सुबह चार बसे रात 11 बजे के बीच हर 20 मिनट पर एक बस उपलब्ध है, लेकिन सावन मास के दौरान रोडवेज हर दस मिनट में बस उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। सावन के सोमवार में प्रत्येक पांच मिनट पर वाराणसी के लिए बस उपलब्ध कराने की भी बात कही जा रही है।
‘सावन मास में शास्त्री ब्रिज से रोडवेज की बसें वाराणसी नही जाती। रूट डायवर्ट होने की वजह से ही इस अवधि में वाराणसी का किराया थोड़ा बढ़ेगा।’
दीपक चौधरी (एआरएम, सिविल लाइंस डिपो, इलाहाबाद)