पिछले वर्ष अधिकमास होने की वजह से सावन तकरीबन दो माह का रहा। तब सावन के आठ सोमवार आए, लेकिन इस बार कुल पांच सोमवार हैं। आचार्य डा. अमिताभ गौर बताते हैं कि सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 जुलाई को दोपहर 03:46 बजे शुरू होगी।
ज्योतिष की दृष्टि से इस बार सावन बेहद शुभ माना जा रहा है, क्योंकि सावन की शुरुआत सोमवार से ही हो रही है और इसका समापन भी सोमवार को ही होगा। खास बात यह है कि सावन का समापन रक्षाबंधन के दिन 19 अगस्त को होगा, जबकि इसकी शुरुआत 22 जुलाई से होगी।
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पिछले वर्ष अधिकमास होने की वजह से सावन तकरीबन दो माह का रहा। तब सावन के आठ सोमवार आए, लेकिन इस बार कुल पांच सोमवार हैं। आचार्य डा. अमिताभ गौर बताते हैं कि सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 जुलाई को दोपहर 03:46 बजे शुरू होगी, लेकिन उदयातिथि को देखते हुए 22 जुलाई से सावन की शुरुआत मानी जाएगी।
यह एक तरह का दुर्लभ संयोग है। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि जब सावन का आरंभ सोमवार से हो और समापन भी सोमवार को ही हो। डाॅ. गौर के मुताबिक सनातन धर्म में सावन के महीने का विशेष स्थान है। यह पूरा मास भगवान शिव को समर्पित है।