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UP : जज बनने के बाद पहली बार अपने गांव जाएंगे सत्यवीर सिंह, बच्चों को देंगे नि:शुल्क ई-कोचिंग की सौगात

Fri, 14 Nov 2025 08:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के नवनियुक्ति न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह पिता के जज बनने के सपने को पूरा करने पर 15 साल बाद अपने पैतृक नहल गांव जा रहे हैं। वहां 15 नवंबर को प्राथमिक स्कूल के बच्चों से रूबरू होंगे।
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मुख्य न्यायाधीश के साथ न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के नवनियुक्ति न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह पिता के जज बनने के सपने को पूरा करने पर 15 साल बाद अपने पैतृक नहल गांव जा रहे हैं। वहां 15 नवंबर को प्राथमिक स्कूल के बच्चों से रूबरू होंगे। उन्हें नि:शुल्क ई-कोचिंग की सौगात देंगे। साथ ही न्यायमूर्ति अपने गांव के बच्चों के लिए शिक्षक बनकर सफलता के मंत्र देंगे। बता दें कि अलीगढ़, थाना अतरौली का नहल गांव न्यायमूर्ति का पैतृक गांव है।

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गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से उन्होंने एक से पांच तक की शिक्षा ग्रहण की है। स्नातक व विधि की पढ़ाई अलीगढ़ से किया था। इसके बाद पीसीएस-जे की प्री परीक्षा पास करने के बाद मुख्य परीक्षा के लिए प्रयागराज आए तो यहीं के हो गए। इसके बाद वकालत शुरू की और न्यायमूर्ति के पद पर आसीन हुए। पिता जी का सपना था कि उनका बेटा जज बनें। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। जरूरत पड़ने पर ट्यूशन पढ़ाया लेकिन अपनी पढ़ाई जारी रखी।

आज उन्होंने अपने पिता के सपने का साकार कर जज बन गए हैं तो वह चाहते हैं कि गांव का कोई बच्चा किसी अभाव या अन्य किसी कारण से शिक्षा से वंचित न रह जाए। गांव के बच्चों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनकी समस्याओं से रूबरू होने के लिए गांव के प्राथमिक विद्यालय जाएंगे। वहीं, इस दौरान न्यायमूर्ति कुछ देर के लिए जज के बजाए गुरू की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पढ़ाएंगे और सफलता के मंत्र देंगे। प्राथमिक विद्यालय के पठन-पाठन का भी जायजा लेंगे।

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इस संबंध में प्रोटोकाल की ओर से कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 14 की शाम को अलीगढ़ पहुंचेंगे और सर्किट हाउस में रुकेंगे। 15 नवंबर को अपने पैतृक गांव नहल जाएंगे। वहां परिजनों से मुलाकात करेंगे। साथ ही प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से रूबरू होंगे। गांव स्थित मंदिर जाएंगे। आंबेडकर पार्क में आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद गुरुद्वारा भी जाएंगे। 16 नवंबर को बुलंदशहर बहन की यहां जाएंगे। 17 नवंबर की सुबह वापस प्रयागराज आ जाएंगे।

समरसता भोज में होंगे शामिल

अपने पैतृक गांव में ही ग्रामीणों की ओर से आयोजित समरसता भोज में शामिल होंगे। भोज में हर वर्ग और समाज के हर तबके के लोग शामिल हो रहे हैं। इसके माध्यम से देश और समाज को एकजुट होकर देश के विकास के लिए कार्य करने का संदेश देंगे।

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