प्रो. दुबे का कहना है कि जल्द ही संस्कृत संभाषण, कंप्यूटर जागरूकता और नाट्यशास्त्र की पढ़ाई भी शुरू करा दी जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि संस्कृत विभाग को 23 नए शिक्षक मिले हैं, जिनमें से सात शिक्षक जेएनयू से आए हैं। इनके अलावा बीएचयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय बिहार के भी कई शिक्षकों को इविवि में नियुक्त किया गया है। इसी वजह से अकादमिक गतिविधियों में काफी तेजी आई है।
एमए में अब व्याकरण विशेषज्ञता
इविवि के संस्कृत विभाग में एमए के छात्र-छात्राएं अब व्याकरण में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। विभाग में अब तक एमए में दर्शन, वेद और साहित्य में विशेषज्ञता की पढ़ाई कराई जा रही थी। नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद अब व्याकरण विशेषज्ञता को भी एमए में शामिल कर लिया गया। हालांकि काफी पहले यह कोर्स एमए का हिस्सा था, लेकिन विभाग में शिक्षकों की कमी के कारण इसे समाप्त कर दिया गया था। वर्षों बाद सत्र 2022-23 से व्याकरण विशेषज्ञता का कोर्स पुन: शुरू किया गया है।