यूपी विधानसभा चुनाव 2017 को वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। भाजपा भी कमर कसे हुए है, लेकिन चुनाव के पूर्व टिकट वितरण के बाद प्रदेश की तमाम सीटों पर कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी है। ऐसे में पार्टी अब आरएसएस की शरण में है। भाजपाइयों की नाराजगी को देखते हुए तय किया गया कि अब आरएसएस की मदद से अब रूठों को मनाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा टिकट वितरण के बाद से ही पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और नेता नाराज चल रहे हैं। कुछ ने पार्टी के चुनाव प्रचार से भी किनारा कर लिया है। नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर भाजपा के चुनाव अभियान में न पड़े इसे लेकर आरएसएस और भाजपा नेताओं की एक बैठक संघ के कार्यालय में हुई। बैठक में चुनाव प्रबंधन से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान तय हुआ कि जो नाराज है उन्हें जल्द से जल्द मनाया जाए। आरएसएस के तमाम पदाधिकारी इलाहाबाद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में सप्ताह भर में यह काम पूरा करेंगे।
चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की मदद के लिए भी आरएसएस के स्वयंसेवक जिले के हर एक गांव एवं शहर के सभी मोहल्लों में जनसंपर्क करेंगे। बूथ मैनेजमेंट में भी आरएसएस की भागीदारी रहेगी। बता दें कि शहर उत्तरी में 425, पश्चिमी में 435 एवं दक्षिणी में कुल बूथों की संख्या 366 है। आरएसएस की तैयारी है कि हर एक बूथ में उसके स्वयंसेवक तैनात रहें। विभाग प्रचारक मनोज, आलोक मालवीय, भाजपा नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय आदि नेताओं की मौजूदगी में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।