प्रवेश समिति को भंग करने समेत चार सूत्रीय मांग को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अगुवाई में आंदोलनरत छात्रों का क्रमिक अनशन बुधवार को भी जारी रहा। उन्होंने कुलपति के पुतले की शवयात्रा भी निकाली। कुलपति दफ्तर पर उन्होंने पुतले को फूंका।
प्रवेश समिति को भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी के पद पर स्थाई नियुक्ति, लाइब्रेरी से पुस्तक निर्गत करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने सोमवार को आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार से उन्होंने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बुधवार को छात्रसंघ भवन पर उनका जमावड़ा हुआ। अध्यक्ष रोहित मिश्रा, उपाध्यक्ष अदील हमजा की अगुवाई में उन्होंने परिसर में पुतले की शवयात्रा निकाली। कुलपति दफ्तर पर उन्होंने कुलपति तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद छात्र छात्रसंघ भवन वापस हो गए और वहां क्रमिक अनशन पर बैठ गए। आंदोलन में अनुभव उपाध्याय, आनंद सिंह, विक्रांत सिंह, अवनीश राय आदि शामिल रहे।
0 कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू के सोमवार को विश्वविद्यालय में होने की उम्मीद है। अभी वह शहर से बाहर हैं। उनके वापस आने पर तेज आंदोलन की आशंका है। छात्रों की ओर से सोमवार को विश्वविद्यालय बचाओ पदयात्रा की भी घोषणा की गई है। इससे इस आशंका को और बल मिला है। ऐसे में सोमवार को बवाल की भी आशंका बन गई है। इसके मद्देनजर चीफ प्रॉक्टर की ओर से डीएम तथा अन्य अफसरों को पत्र लिखा गया है।
प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने समेत विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी की ओर से भी बृहस्पतिवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के घेराव की घोषणा की गई है। उन्होंने परिसर में जुलूस निकालने की भी घोषणा की है। फोरम में जनवादी छात्र संगठनों से जुड़े विद्यार्थी शामिल हैं। दिनेश चौधरी, सुनील यादव, सुजीत, शक्ति राजवार, अमित, दिपांकर, शिवम, रामचंद्र आदि ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए बुधवार को जनसंपर्क अभियान चलाया। छात्रसंघ के अलावा एक अन्य संगठन की ओर से भी आंदोलन की घोषणा से विश्वविद्यालय प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है।