इसके लिए रोपवे विनिर्माण और संचालन से आठ देशों की नामी कंपनियों से संपर्क किया गया था। परियोजना को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद यह नया मोड़ आया है। इसके निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी मिल चुका था। एनएचएलएम के एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि अलाइनमेंट का काम पूरा होने के बाद विदेशी उपकरणों की उपलब्धता न होने से इस परियोजना को महाकुंभ के बाद शुरू कराने का निर्णय लिया गया है।
दोनों स्टेशनों से पर्यटकों के लिए रोपवे में बैठने की सुविधा
परेड के पास बांध स्थित शंकर विमान मंदिर और काली मार्ग के बीच से यह रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। इसे बड़े हनुमान मंदिर और किला के पास से होते हुए अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास ले जाया जाना है। दोनों स्थानों पर पर्यटकों के लिए स्टेशन बनाए जाएंगे।