बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल पारुल सोलोमन का व्हाट्सअप अकाउंट खंगालने पर एसटीएफ को जानकारी मिली कि वह अर्पित से व्हाट्सएप कॉल पर घंटों बात करती थी। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, मामले की विवेचना एसटीएफ को मिलने के बाद से ही पूर्व प्रिंसिपल का व्यवहार जांच में सहयोगात्मक नहीं रहा। बार-बार पूछे जाने के बाद भी वह अर्पित के बारे में जानकारी देने से बचती रही।
आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार कर जेल भेजी गई बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड काॅलेज की पूर्व प्रिंसिपल पारुल सोलोमन अपनी ही बातों में फंसकर रह गई। पेपर लीक कराने वाले अर्पित से उनकी व्हाट्सएप पर लंबी बातचीत होती थी। उनका व्हाट्सअप अकाउंट खंगालने पर एसटीएफ को यह जानकारी मिली। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, मामले की विवेचना एसटीएफ को मिलने के बाद से ही पूर्व प्रिंसिपल का व्यवहार जांच में सहयोगात्मक नहीं रहा। बार-बार पूछे जाने के बाद भी वह अर्पित के बारे में जानकारी देने से बचती रही।
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यहां तक कह दिया कि वह महज एक कर्मचारी है और स्कूल के अलावा उनकी उससे बात तक नहीं होती। एसटीएफ ने उनकी कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई। उसमें अर्पित से बातचीत के रिकॉर्ड नहीं मिले। हालांकि, जब व्हाट्सएप अकाउंट जांचा गया तब पता चला कि वह अर्पित से व्हाट्सएप कॉल पर बात करती थी। इनमें से कुछ कॉल तो काफी लंबी चली। 11 फरवरी को पेपर लीक हाेने वाले दिन भी उनकी आपस में कई बार बातचीत हुई। इसके बाद अर्पित के जेल जाने से कुछ दिनों पहले तक उनकी आपस में बातचीत होती रही। एसटीएफ ने उनके व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड के स्क्रीनशॉट को भी सुरक्षित रख लिया है। अब इन्हें केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
अर्पित से पूछताछ की अनुमति के लिए अर्जी जल्द
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि अग्रिम पूछताछ के लिए जल्द ही एसटीएफ की ओर से कोर्ट में अर्जी दी जा सकती है। अनुमति मिलते ही उससे जेल में जाकर एक बार फिर पूछताछ की जाएगी। इस बार उससे पूर्व प्रिंसिपल की भूमिका के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण में उनकी संलिप्तता की बात सामने आने के बाद ही पारुल को गिरफ्तार किया गया है।