क्षेत्र के इरादतगंज फ्लाई ओवर के नीचे ट्रेन के आगे बेटी संग खुदकुशी करने वाली रीता की मां सोमवार को घूरपुर थाने पहुंची। पुलिस को दी तहरीर में उसने बताया कि रीता मानसिक रूप से बीमार थी। इसके कारण ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। मां के मुताबिक मानसिक अस्वस्थता में उसका स्वभाव बेहद झगड़ालू हो गया था। उन्होंने खुद कई बार झाड़ फूंक करने वाले तांत्रिकों को भी दिखाया गया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
रविवार को नैनी कोतवाली के चाका ब्लॉक के पीछे रहने वाली रीता जायसवाल अपनी आठ वर्षीय पुत्री कोमल व पुत्र हर्ष के साथ इरादतगंज फ्लाई ओवर पहुंची और पुत्री के साथ ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटे हर्ष ने हाथ छुड़ा लिया था। इसी कारण वह बच गया। इस मामले में पुलिस का कहना था कि अगर मायके वालों ने तहरीर दी तो पति समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को रीता की मां सुशीला जायसवाल रीवा से यहां पहुंची। उन्होंने खुदकुशी करने वाली अपनी बेटी रीता जायसवाल को अर्ध विक्षिप्त बताते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। सुशीला ने पुलिस को बताया कि रीता आए दिन ऊल-जलूल हरकतें करने लगती थी। उसकी हरकतों से परिवार के लोग भी आजिज आ गए थे। बीमारी के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया। सुशीला के अनुसार उसकी आत्महत्या करने में किसी का कोई दोष नहीं है। एसपी यमुना पार सौरभ दीक्षित ने बताया कि मां की तहरीर मिलने के बाद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।