मोबाइल से फोन करके बुलाया था घर
एसओ कौंधियारा विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कत्ल अच्छे और उसकी पत्नी रागिनी ने मिलकर किया था। दरअसल अच्छेे लाल और रीता देवी लगातार फोन पर बात करते थे। मना करने के बाद भी रीता मानने को तैयार नहीं थी। उससे पीछा छुड़ाने के लिए अच्छे ने रीता के परिवार की एक और महिला से बात करना शुरू कर दिया था लेकिन फिर भी वह नहीं मानी।
उधर पत्नी रागिनी ने कह दिया था अब या तो रीता जिंदा रहेगी या वह। दोनों ने प्लान बनाने के बाद बुधवार को अच्छे लाल ने रीता को मोबाइल पर कॉल कर घर बुलाया। घर के अंदर ही अच्छे लाल और रागिनी ने रीता को धारदार हथियार से काट दिया फिर हड्डियों को तोड़कर बोरे में भर दिया। पुलिस हिरासत में अच्छे लाल और रागिनी ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है। रीता की वजह से परिवार तबाह हो गया था।
साइको किलर की तरह मारा, लाश को ठिकाने लगाने की थी कोशिश
अच्छे लाल और उसकी पत्नी रागिनी ने साइको किलर की तरह रीता की नृशंस हत्या कर दी। कॉल डीटेल्स से पता चला कि रीता लगातार अच्छे लाल से बात कर रही थी लेकिन उसे उसके खौफनाक इरादों की भनक तक नहीं लगी। पुलिस भी मानती है कि हत्या के बाद लाश की हड्डियों को कई टुकड़ों में तोड़ना सामान्य मानसिकता वाले व्यक्ति के बस की बात नहीं। साइको प्रवृत्ति वाले लोग ही इस तरह की नृशंस घटनाएं अंजाम देते हैं। अच्छे लाल ने न सिर्फ खौफनाक ढंग से हत्या की, दिन दहाड़े शव को बोरे में रखकर ठिकाने लगाने के लिए साइकिल से चल दिया। अगर बोरे से खून न टपक रहा होता तो किसी को पता ही नहीं चलता कि रीता कहां गई?
तीन बच्चे हो गए बेसहारा
कौंधियारा। अच्छे लाल और रागिनी के तीन छोटे छोटे बच्चे हैं। बुधवार के बाद से ही तीनों अपनी बूढ़ी दादी के साथ बेसहारा घूम रहे हैं। बूढ़ी दादी तीनों को लेकर थाने और आस पास दिन भर बैठी रहती है। बच्चों को तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है कि आखिर क्या हो गया कि उनके मां-बाप को पुलिस पकड़ ले गई।