अधिक मास के चलते इन दिनों शादियों का सीजन नहीं है। रेस्टोरेंट से लेकर घरों तक में खाद्य तेल की मांग भी कम है। इसके बावजूद बाजार में सरसों से लेकर सोयाबीन तेल की कीमतों 10 से 15 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस के दामों में 29 रुपये की बढ़ोतरी गृहिणियों का बजट जला रही है।
होटल कारोबारी पीयूष रंजन के मुताबिक, वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थितियों के चलते खाद्य तेलों में बीते कुछ माह से अब तक 25 से 30 रुपये प्रति लीटर का उछाल आ चुका है। थोक व्यापारी सतीष केसरवानी ने बताया कि सरसों के तेल के दाम 20 मई को 15 किलो तेल का दाम 2600 रुपये के आसपास था जो अब बढ़कर 2760 रुपये हो गया है। इसी तरह 15 किग्रा वनस्पति घी 2200 का मिल रहा था उसका दाम 2300 रुपये हो गया है।
वहीं, फुटकर बाजार में सरसों का तेल 185 रुपये में एक किलो मिल रहा है। कारोबारी दीपक केसरवानी के अनुसार, महीने भर पहले जो कच्ची सरसों 80 रुपये किलो थी, वह अब 94-96 रुपये पहुंच गई है। इसके चलते कोल्हू का सरसों तेल 230 रुपये से उछलकर सीधे 250 रुपये प्रति किलो हो गया है। थोक में सोयाबीन तेल 155 रुपये और पाम ऑयल 102 से उछलकर 110 रुपये प्रति पैकेट पहुंच गया है।
गृहणी रुचि मालवीय ने बताया कि एक तरफ बाजार में सिलेंडर की किल्लत है और दूसरी तरफ 29 रुपये दाम बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह उर्वशी भरद्वाज ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह एक बार में ही दाम बढ़ा दे। बार-बार कुछ दिन के अंतराल में दाम बढ़ाना ठीक नहीं है।
इस तरह से हो रही बढ़ोतरी
वस्तु : 20 मई का रेट : 08 जून का रेट
सरसों का तेल : 165-170 : 180-185 प्रति किग्रा
वनस्पति घी : 145-150 : 155-160 प्रति किग्रा
रिफाइंड : 145-150 : 150-155 ( 750 एमएल)