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Prayagraj News: अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार, बडे़ आंदोलन की दी चेतावनी

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अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया। महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि दुर्घटना करने वाली गाड़ी के मालिक और समय पर इलाज न देने वाले जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल न भेजा गया तो वकील बड़ा आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इससे पहले बार के पदाधिकारियों ने शोकसभा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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पिछले दिनों स्वरूप रानी अस्पताल में अधिवक्ता जागृति शुक्ला के इलाज के लिए जूनियर डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद जागृति को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। इस पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की लाइब्रेरी हॉल में आपातकालीन बैठक हुई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष केके द्विवेदी ने अध्यक्षता की। संचालन महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता जागृति शुक्ला के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में तत्काल पांच लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
इस दौरान उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह सोनू, विवेक मिश्रा, राजकुमार त्रिपाठी, हनुमान प्रसाद मिश्र, दिनेश वरुण, संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय, बैरिस्टर सिंह, शशि कुमार द्विवेदी, बिंदु कुमारी की मौजूदगी रही।
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एडवोकेट एसोसिएशन ने की सख्त कार्रवाई की मांग
एडवोकेट्स एसोसिएशन ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। आरोप लगाया कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार में अनावश्यक देरी की गई। वहां मौजूद तीमारदारों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। सही इलाज न मिलने के कारण युवा अधिवक्ता का असामयिक निधन हो गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष सगीर अहमद ने प्रयागराज के पुलिस आयुक्त से अनुरोध किया है कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर किया जाए।
आरोपी की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा आंदोलन
अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव ने भी साथियों के साथ आंबेडकर चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया। रितेश श्रीवास्तव का कहना है कि जब तक आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, धरना खत्म नहीं करेंगे। अगर इस तरह की घटना किसी डॉक्टर के साथ होती तो अभी तक वकील को गिरफ्तार कर लिया जाता। धरने में पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह, राय साहब यादव आदि शामिल हुए।
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